

संवाददाता: गोविंद देवल
बिल्सी। तहसील क्षेत्र के गांव गोदी नगला में आयोजित भगवान बुद्ध की कथा का शनिवार को समापन हो गया। कथा के अंतिम दिन कथावाचक रीना शाक्य ने सम्राट अशोक की कलिंग विजय और उसके बाद धम्म दीक्षा से जुड़े प्रसंगों को विस्तार से सुनाया।
कथावाचक ने बताया कि कलिंग युद्ध में हुई भारी जनहानि और हिंसा ने सम्राट अशोक के हृदय को गहराई से झकझोर दिया। इसके पश्चात उन्होंने युद्ध का मार्ग त्यागकर भगवान बुद्ध के धम्म को अपनाया और शांति, करुणा व अहिंसा के संदेश को जन-जन तक पहुंचाया। उन्होंने कहा कि धम्म अपनाकर सम्राट अशोक ने न केवल अपने जीवन को बदला, बल्कि पूरे समाज को मानवता और सद्भाव की राह दिखाई।
कथा के दौरान रीना शाक्य ने माता सावित्रीबाई फुले के जीवन पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि शिक्षा और समाज सुधार के क्षेत्र में सावित्रीबाई फुले का योगदान ऐतिहासिक रहा है। नारी शिक्षा के लिए उनका संघर्ष आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत बना हुआ है।
कथा के समापन अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने प्रसंगों को श्रद्धा और ध्यानपूर्वक सुना। इस मौके पर सपा नेता उदयवीर सिंह शाक्य, किशोरी लाला शाक्य, रामगोपाल सहित सभी आयोजक और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
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