बिल्सी (तहसील क्षेत्र)।
बिल्सी तहसील के यज्ञ तीर्थ गुधनी में स्थित प्रज्ञा यक्ष मंदिर में आर्य समाज के तत्वावधान में मकर संक्रांति के पावन पर्व को हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सबसे पहले यज्ञ सम्पन्न किया गया, जिसे संसार का सबसे श्रेष्ठतम पावन कर्म बताया गया। यज्ञ के उपरांत सामूहिक खिचड़ी भोज का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों लोगों ने भाग लिया।
अंतरराष्ट्रीय वेद-वैदिक विद्वान आचार्य संजीव रूप ने मकर संक्रांति के महत्व को समझाते हुए कहा, “सूर्य उत्तरायण हो गया, अर्थात जो उलटी दिशा थी वह अब सीधी दिशा में लौट गई। यह केवल खगोलीय घटना नहीं है, हमारे जीवन में भी दक्षिणायन और उत्तरायण होता है। जब हम सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलते हैं, दान और परोपकार करते हैं और बुराई को छोड़ते हैं, तभी हमारे जीवन का उत्तरायण आरंभ होता है।”
इस अवसर पर पंडित प्रश्रय आर्य जय ने कहा, “मकर संक्रांति पर आयोजित खिचड़ी भोज इस बात का प्रतीक है कि भले ही हम भिन्न-भिन्न मत वाले हों, लेकिन हमारे मन एक होने चाहिए। कोई छोटा या बड़ा नहीं, सब एक ईश्वर की संतान हैं और मिलकर रहना चाहिए।”
आर्य समाज के अधिकारियों और आर्य संस्कारशाला के बच्चों के सहयोग से खिचड़ी भोज का आयोजन किया गया, जिसे गांव के लोगों ने देर शाम तक ग्रहण किया। इस अवसर पर बद्री प्रसाद आर्य, किशनपाल आर्य, राकेश आर्य, राजू पाल आर्य, महिपाल सिंह, विश्वजीत पाल, नेपाल आर्य, शिवम सिंह, अंशुल कुमार सिंह, पंजाब सिंह, दुर्वेश कुमार सिंह, ओमवीर सिंह, जयप्रकाश मिस्त्री, आचार्य कु तृप्ति आर्य, श्रीमती संतोष कुमारी, श्रीमती कमलेश कुमारी, श्रीमती मुन्नी देवी, श्रीमती धनवती देवी, श्रीमती सरोजा देवी सहित सैकड़ों बच्चे उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में सभी उपस्थित लोगों ने पर्व की भव्यता और सामाजिक एकता का संदेश साझा किया, जिससे श्रद्धालुओं और बच्चों में उत्साह और आनंद का माहौल बना रहा।
Budaun Amarprabhat