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श्रीमद् भागवत कथा में कंस वध और रुक्मिणी विवाह का हुआ भावपूर्ण वर्णन

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कंस के अत्याचारों से मथुरा को मिली मुक्ति, कथा श्रवण को उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
बदायूं।
नगर के श्री राधा माधव मंदिर, नई सराय पुलिस चौकी में चल रहे श्रीमद् भागवत कथा संकीर्तन महामहोत्सव के छठे दिन कथाव्यास पूज्य पंडित श्याम सुंदर शिवराम जी महाराज ने कंस वध एवं रुक्मिणी विवाह के प्रसंगों का सजीव और भावपूर्ण वर्णन किया।
कथाव्यास ने बताया कि कंस के अत्याचारों से त्रस्त पृथ्वीवासियों की पुकार पर भगवान श्रीकृष्ण का अवतार हुआ। कंस को यह ज्ञात था कि उसका वध श्रीकृष्ण के हाथों ही निश्चित है, इसलिए उसने बाल्यावस्था से ही अनेक बार श्रीकृष्ण को मरवाने का प्रयास किया, लेकिन वह हर बार असफल रहा। कंस ने अपने प्रमुख अक्रूर के माध्यम से मल्ल युद्ध के बहाने अल्पायु में ही श्रीकृष्ण और बलराम को मथुरा बुलाया और शक्तिशाली पहलवानों व उन्मत्त हाथियों से कुचलवाने का षड्यंत्र रचा, किंतु सभी का अंत श्रीकृष्ण और बलराम के हाथों हुआ। अंततः श्रीकृष्ण ने अपने मामा कंस का वध कर मथुरा नगरी को उसके अत्याचारों से मुक्त कराया तथा माता-पिता वसुदेव-देवकी और महाराज उग्रसेन को कारागार से मुक्त कराया।
रुक्मिणी विवाह के प्रसंग में कथाव्यास ने बताया कि माता लक्ष्मी का अवतार रुक्मिणी विदर्भ साम्राज्य की राजकुमारी थीं और वे श्रीकृष्ण से विवाह करना चाहती थीं। किंतु उनके पिता और भाई इसके पक्ष में नहीं थे और उन्होंने रुक्मिणी का विवाह जरासंध व शिशुपाल से तय करने का प्रयास किया। जब यह समाचार रुक्मिणी को मिला तो उन्होंने दूत के माध्यम से श्रीकृष्ण तक अपना संदेश पहुंचाया। इसके बाद हुए संघर्ष और युद्ध के उपरांत श्रीकृष्ण रुक्मिणी का हरण कर उनसे विवाह करने में सफल हुए।
कथा के दौरान पंडाल भक्ति रस में डूबा रहा और श्रद्धालु भाव-विभोर होकर कथा श्रवण करते नजर आए। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के सूचना आयुक्त स्वतंत्र प्रकाश गुप्त, न्याय किशोर बोर्ड की सदस्य प्रमिला गुप्ता, मुख्य यजमान केशव शर्मा, सरजू गुप्ता, राजीव शर्मा, देशांत रस्तोगी, चाहत रस्तोगी, महेंद्र गुप्ता, पंडित सुधांशु जी, अशोक भारतीय, सचिन भारद्वाज, रविंद्र मिश्रा, अभिषेक सक्सेना, शानू गुप्ता, मोहित काका, अंकित सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
आयोजक शुभम अग्रवाल ने बताया कि बुधवार को भागवत पूजन एवं शुकदेव विदाई का आयोजन किया जाएगा, जबकि 22 जनवरी को दोपहर एक बजे से हवन एवं विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा।


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