
बदायूँ।
77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर नगर पालिका परिषद बदायूँ के प्रांगण में भव्य कवि सम्मेलन एवं मुशायरे का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता आशा राठौर ने की। इस अवसर पर साहित्यकारों ने देश की आन-बान-शान, राष्ट्रीय एकता और अमर शहीदों को समर्पित रचनाओं से श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रसिद्ध कवयित्री सरिता चौहान द्वारा माँ सरस्वती की वंदना से हुआ। इसके पश्चात वरिष्ठ शायर मु० सगीर ने नाते पाक प्रस्तुत कर वातावरण को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया। नगर पालिका परिषद की ओर से सभी साहित्यकारों को उपहार व माल्यार्पण कर सम्मानित किया गया।
वरिष्ठ शायर मुजाहिद नाज़ ने देशभक्ति से ओतप्रोत शेर पढ़ते हुए कहा—
“है ख़ौफ पाक में सिन्दूर आपरेशन का,
ये तेरे शस्त्र, तिरा हर जवान ज़िन्दाबाद।”
संयोजक एवं साहित्यकार अशोक खुराना ने अमर शहीदों को नमन करते हुए पंक्तियाँ पढ़ीं—
“भूल गए निज हित सभी, बात रखी यह याद,
एक यही बस चाह थी, देश रहे आज़ाद।”
नासिर बदायूँनी ने कहा—
“दस्तूरे हिन्द दोस्ती का देता है पयाम,
दस्तूरे हिन्द इसलिए सबको अज़ीज़ है।”
वरिष्ठ कवि कामेश पाठक ने देश की महिमा का गुणगान करते हुए पढ़ा—
“जिसकी पुनीत पावन धरती को नमन करे संसार,
सबसे प्यारा देश हमारा है जन्नत का द्वार।”
शैलेन्द्र देव मिश्र की पंक्तियाँ रहीं—
“तिरंगा शान से लहरा रहा है,
अमन का रंग ये फैला रहा है,
बड़ी कुर्बानियों से दिन है आया,
हमें ये गर्व से समझा रहा है।”
डॉ. अरविन्द धवल ने कहा—
“नदियों को, सागरों को, वनों फूल कलियों को,
हिन्द के निवासियों को, माटी को प्रणाम है।”
प्रोफेसर मनवीर सिंह ने देश-प्रेम से ओतप्रोत गद्यात्मक प्रस्तुति देकर सदन को भावुक कर दिया। कार्यक्रम का संयुक्त संचालन सुनील समर्थ एवं नासिर बदायूँनी ने किया।
इसके अतिरिक्त डॉ. गीतम सिंह, वरिष्ठ कवयित्री कमला माहेश्वरी, आकाश पाठक, जयवीर चन्द्रवंशी, हैदर अली, ललतेश ललित, उज्जवल वशिष्ठ, अमन मयंक शर्मा तथा वीरपाल सिंह वीर ने भी काव्यपाठ किया।
कार्यक्रम में कार्यालय अधीक्षक सूर्यप्रकाश सक्सेना, रजनेश कुमार, मो. इमरान, नारायण दत्त शर्मा, गजेन्द्र सिंह, अमरपाल सिंह राठौर, सभासद अरविन्द सिंह राठौर, सभासद मुकेश कुमार साहू सहित बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी व श्रोतागण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया।
Budaun Amarprabhat