सरकार से सुप्रीम कोर्ट में ‘याची लाभ’ का प्रस्ताव रखने की मांग, एससीईआरटी कार्यालय पर किया प्रदर्शन
लखनऊ। 69000 सहायक शिक्षक भर्ती में आरक्षण से जुड़े विवाद को लेकर आरक्षण पीड़ित याची अभ्यर्थियों ने लखनऊ के शालीमार पार्क में महत्वपूर्ण बैठक कर आगामी रणनीति तय की। बैठक में 19 मार्च को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई को लेकर चर्चा की गई और सरकार से याची अभ्यर्थियों के पक्ष में प्रस्ताव रखने की मांग उठाई गई।
बैठक पिछड़ा दलित संयुक्त मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सुशील कश्यप और प्रदेश संरक्षक भास्कर सिंह के नेतृत्व में आयोजित की गई। इसमें प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्यों सहित बड़ी संख्या में अभ्यर्थी मौजूद रहे।
प्रदेश अध्यक्ष सुशील कश्यप और संरक्षक भास्कर सिंह ने कहा कि यह मामला वर्ष 2020 से लगातार चल रहा है और छह वर्ष बीत जाने के बाद भी आरक्षण पीड़ित याची अभ्यर्थियों को न्याय नहीं मिल पाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका किसी राजनीतिक दल से कोई संबंध नहीं है और न ही वे भर्ती सूची को दोबारा बनाने या छह साल से कार्यरत शिक्षकों को बाहर करने की मांग कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इस विवाद का सबसे उचित समाधान यह है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट में ‘याची लाभ’ का प्रस्ताव रखकर आरक्षण पीड़ित अभ्यर्थियों को न्याय दिलाए। इससे किसी भी वर्ग को नुकसान नहीं होगा और लंबे समय से चला आ रहा विवाद भी समाप्त हो जाएगा।
बैठक के बाद अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी समेत उत्तर प्रदेश के शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र भेजकर मांग की कि 19 मार्च को सुप्रीम कोर्ट में सरकार आरक्षण पीड़ित याची अभ्यर्थियों के पक्ष में याची लाभ का प्रस्ताव पेश करे।
इससे पहले आरक्षण पीड़ित अभ्यर्थियों ने लखनऊ स्थित एससीईआरटी कार्यालय पर धरना प्रदर्शन भी किया और सरकार से सुप्रीम कोर्ट में मजबूती से पक्ष रखने की अपील की।
बैठक में सुशील कश्यप, भास्कर सिंह, राजेश चौधरी, रामविलास यादव, पुष्पेंद्र सिंह जेलर, नितिन पाल, सौरभ, अमन वर्मा, दुर्गा यादव, मालू सिंह चौधरी, पूनम यादव, बीना कुशवाहा और दीपिका राजपूत समेत कई अभ्यर्थी मौजूद रहे।
Budaun Amarprabhat