शिक्षकों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करे सरकार, महेंद्र सिंह ने उठाई मांग
लखनऊ। आम आदमी पार्टी शिक्षक प्रकोष्ठ, उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र सिंह ने योगी आदित्यनाथ सरकार से मांग की है कि यूपी बोर्ड हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य ईद-उल-फितर के बाद शुरू कराया जाए, ताकि शिक्षक अपने धार्मिक पर्व को सम्मानपूर्वक मना सकें।
महेंद्र सिंह ने कहा कि जिस प्रकार हिंदू समाज के लिए होली और दीपावली महत्वपूर्ण पर्व हैं, उसी प्रकार मुस्लिम समाज के लिए ईद भी बेहद पवित्र और अहम त्योहार है। सरकार का दायित्व है कि वह सभी धर्मों और समुदायों की भावनाओं का समान रूप से सम्मान करे और ऐसा कोई निर्णय न ले जिससे किसी समुदाय को अपने त्योहार मनाने में असुविधा हो।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य को 18 मार्च से शुरू कराने की तैयारी की जा रही है, जबकि इसी दौरान 20 मार्च को अलविदा जुमे की नमाज और 21 मार्च को ईद-उल-फितर का पर्व पड़ रहा है। मूल्यांकन कार्य के दौरान अक्सर सार्वजनिक अवकाश भी निरस्त कर दिए जाते हैं और रविवार को भी कॉपियों की जांच कराई जाती है।
उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में हजारों शिक्षक, खासकर मुस्लिम शिक्षक, अपने सबसे बड़े धार्मिक पर्व को परिवार और समाज के साथ पूरी तरह से नहीं मना पाएंगे। यह शिक्षकों की भावनाओं की अनदेखी है और सामाजिक समरसता के लिहाज से भी उचित नहीं है।
महेंद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश के शिक्षक शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ हैं और उनकी सामाजिक व धार्मिक भावनाओं का सम्मान करना सरकार की जिम्मेदारी है। इसलिए सरकार को व्यावहारिक निर्णय लेते हुए यूपी बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य ईद के बाद शुरू कराने का निर्णय लेना चाहिए, ताकि सभी शिक्षक अपने त्योहार को हर्षोल्लास के साथ मना सकें और मूल्यांकन कार्य भी बेहतर ढंग से संपन्न हो सके।
Budaun Amarprabhat