बदायूं। पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के निर्देश पर चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ अभियान के तहत बदायूं पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। प्रभावी पैरवी के चलते नाबालिग से छेड़छाड़ के मामले में दो अभियुक्तों को न्यायालय ने दोषी करार देते हुए 4-4 वर्ष के कठोर कारावास और कुल 8 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
मामला थाना सहसवान में दर्ज मु.अ.सं. 170/18 से जुड़ा है, जिसमें परवेश यादव और अरविंद उर्फ बटुआ निवासी बडेरिया के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना तत्कालीन क्षेत्राधिकारी सहसवान राघवेन्द्र सिंह राठौर द्वारा पूर्ण कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया गया था।
अभियोजन पक्ष की ओर से सशक्त पैरवी करते हुए मॉनीटरिंग सेल और पैरोकार कांस्टेबल आयुष कुमार ने लोक अभियोजक वीरेन्द्र सिंह वर्मा के साथ समन्वय बनाकर केस को मजबूती से प्रस्तुत किया। इसके परिणामस्वरूप पॉक्सो कोर्ट-02 बदायूं ने दोनों अभियुक्तों को धारा 354 भादवि और 7/8 पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी ठहराया।
न्यायालय ने दोनों को 4-4 वर्ष के कठोर कारावास के साथ 4000-4000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा न करने पर अतिरिक्त 6 माह का कारावास भुगतना होगा। हालांकि, गंभीर धाराओं 376D भादवि व एससी/एसटी एक्ट में दोनों अभियुक्तों को दोषमुक्त कर दिया गया।
पुलिस अधिकारियों ने इस सफलता का श्रेय प्रभावी विवेचना और मजबूत पैरवी को दिया है। वहीं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने मामले में शामिल पुलिस टीम और अभियोजन पक्ष के कार्य की सराहना की है।
Budaun Amarprabhat