बिल्सी। उप निबंधक कार्यालय (रजिस्ट्री कार्यालय) के संभावित निजीकरण के विरोध में मंगलवार को तहसील परिसर में अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों और स्टांप विक्रेताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए निजीकरण के प्रस्ताव को वापस लेने की मांग उठाई।
प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं और संबंधित संगठनों के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन उप निबंधक को सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि रजिस्ट्री कार्यालयों के निजीकरण से इस व्यवस्था से जुड़े हजारों लोगों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो जाएगा।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ज्ञानेंद्र सिंह और सचिव ज्ञान सिंह त्यागी ने कहा कि यदि रजिस्ट्री कार्यालयों का निजीकरण किया गया तो दस्तावेज लेखक, स्टांप विक्रेता और इस कार्य से जुड़े अनेक लोगों की आजीविका प्रभावित होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि इस निर्णय का हर स्तर पर विरोध किया जाएगा।
प्रलेखक संघ के अध्यक्ष देवेंद्र पाल पाठक ने कहा कि एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल आंदोलन की शुरुआत मात्र है। यदि सरकार ने प्रस्तावित निजीकरण का फैसला वापस नहीं लिया तो अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक और स्टांप विक्रेता संयुक्त रूप से व्यापक आंदोलन शुरू करेंगे।
हड़ताल के चलते पूरे दिन रजिस्ट्री कार्यालय से संबंधित कार्य प्रभावित रहे, जिससे रजिस्ट्री कराने आए लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रदर्शन के उपरांत प्रतिनिधिमंडल ने उप निबंधक कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और निजीकरण के प्रस्ताव को तत्काल निरस्त करने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि इस व्यवस्था से प्रदेश भर में हजारों परिवारों की आजीविका जुड़ी हुई है, इसलिए उनके हितों की रक्षा की जानी चाहिए।
प्रदर्शन में अखिलेश यादव, आशीष शर्मा, अरविंद कुमार, गिरीश शर्मा, हिमांशु पाराशर, मुकेश शर्मा, राजेश कुमार सिंह, सुदीप चौहान, प्रदीप चौहान, अनिरुद्ध प्रताप, कन्हैयालाल, देवेंद्र सक्सेना, असलम कुरैशी, सोहनपाल सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक और स्टांप विक्रेता मौजूद रहे।
Budaun Amarprabhat