संवाददाता गोविन्द देवल
बदायूं, अमर प्रभात। चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर मिली सूचना के आधार पर चाइल्ड हेल्पलाइन और थाना एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग की संयुक्त टीम ने थाना सिविल लाइन क्षेत्र में प्रस्तावित एक बाल विवाह रुकवा दिया। यह विवाह 6 जुलाई 2026 को होना प्रस्तावित था।
सूचना मिलते ही चाइल्ड हेल्पलाइन के परियोजना समन्वयक कमल शर्मा ने मामले की जानकारी जिला प्रोबेशन अधिकारी, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट और बाल कल्याण समिति को दी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन और जिला प्रोबेशन अधिकारी के आदेश पर चाइल्ड हेल्पलाइन के परामर्शदाता मुंतज़िम, उपनिरीक्षक इंद्रपाल सिंह, आरक्षी कुलदीप मिश्रा तथा आरक्षी सपना मौके पर पहुंचे।
टीम ने किशोर और उसके परिजनों से बातचीत कर आयु संबंधी दस्तावेजों की जांच की। जांच में किशोर की आयु लगभग 18 वर्ष पाई गई। इसके बाद टीम ने परिजनों को बाल विवाह के दुष्परिणामों और बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के प्रावधानों की जानकारी देते हुए समझाया कि 21 वर्ष की आयु पूरी होने से पहले लड़के का विवाह कराना कानूनन अपराध है।
समझाने के बाद किशोर की माता ने लिखित प्रार्थना पत्र देकर आश्वासन दिया कि वह अपने पुत्र के 21 वर्ष की आयु पूर्ण होने से पहले उसका विवाह नहीं करेंगी। साथ ही यह भी कहा कि यदि ऐसा किया जाता है तो उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
बाल कल्याण समिति के निर्देशानुसार किशोर को समिति के समक्ष प्रस्तुत किए जाने की कार्रवाई भी की जाएगी।
Budaun Amarprabhat