संवाददाता गोविन्द देवल
बदायूं। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सोमवार को जिला विद्यालय यान सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्कूल प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए गए कि 1 जुलाई से स्कूल खुलने से पहले सभी स्कूल वाहनों की फिटनेस, परमिट, बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज पूरे करा लिए जाएं। बिना मानक पूरे किए किसी भी वाहन का संचालन नहीं किया जाए।
बैठक में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) हरिओम ने बताया कि जनपद में 53 स्कूल वाहनों की फिटनेस फेल है, 28 वाहनों के परमिट समाप्त हो चुके हैं, जबकि करीब 80 वाहन 15 वर्ष की निर्धारित आयु पूरी कर चुके हैं।
जिलाधिकारी ने कहा कि स्कूल वाहन नियमावली-2019 के अनुसार ही वाहनों का संचालन किया जाए। यदि इसके बावजूद कोई स्कूल बिना मानक पूरे किए वाहन संचालित करता पाया गया तो वाहन और संबंधित स्कूल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। किसी दुर्घटना की स्थिति में इसकी जिम्मेदारी स्कूल प्रशासन की होगी।
एआरटीओ हरिओम ने बताया कि स्कूल खुलते ही विशेष चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान स्कूल वाहनों के दस्तावेज और सुरक्षा मानकों की जांच की जाएगी तथा नियमों का उल्लंघन मिलने पर प्रवर्तन कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में जिलाधिकारी ने स्कूल प्रबंधकों को निर्देश दिए कि सभी वाहनों के परमिट, फिटनेस, बीमा और प्रदूषण प्रमाणपत्र वैध रखें, यूपी आईएसवीएमपी पोर्टल पर स्कूल और वाहनों का विवरण अपडेट करें तथा सभी वाहनों में सीसीटीवी कैमरा, जीपीएस ट्रैकिंग डिवाइस, पैनिक बटन, स्पीड गवर्नर, फर्स्ट एड बॉक्स और अग्निशमन यंत्र चालू अवस्था में रखें। इसके अलावा वाहन चालकों और परिचालकों के ड्राइविंग लाइसेंस एवं चरित्र सत्यापन भी अनिवार्य रूप से कराया जाए।
जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिए कि जिन वाहनों की आयु 15 वर्ष पूरी हो चुकी है और जो संचालन योग्य नहीं हैं, उनका पंजीयन निरस्त कराया जाए। साथ ही किसी भी वाहन में निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को न बैठाया जाए तथा संचालन से पहले वाहनों की भौतिक स्थिति की जांच कर आवश्यक मरम्मत कराई जाए।
बैठक में जिलाधिकारी ने बताया कि पुलिस लाइन चौराहा से मंडी समिति रोड स्थित ओवरब्रिज पर एक माह तक मरम्मत कार्य चलेगा। ऐसे में 1 जुलाई से स्कूल खुलने पर शहर में जाम की स्थिति बन सकती है। इसे देखते हुए उन्होंने सभी स्कूल प्रबंधकों से आपसी समन्वय बनाकर छात्रों के आने और जाने के समय में 10 से 15 मिनट का अंतर रखने की अपील की, ताकि यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे।
बैठक में एआरटीओ हरिओम, माल एवं यात्रीकर अधिकारी अभिनव चौधरी, एआरएम रोडवेज, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, यातायात पुलिस, बस यूनियन अध्यक्ष ओमकार सिंह, लोक निर्माण विभाग के अधिकारी, सभी स्कूलों के संचालक एवं प्रधानाचार्य तथा परिवहन विभाग के कर्मचारी उपस्थित रहे।
Budaun Amarprabhat