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टीएमयू की ‘मेरी कांवड़, मेरा घाट’ कैंपेन से चहुं ओर साफ़ साफ़ दिखेंगे आस्था के रंग

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तीर्थंकर महावीर कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर साइंसेज के गंगा चैंपियंस क्लब के वॉलेंटियर्स को उम्मीद, गंगा से जल लेने वाले कांवड़िए गंगा को लौटाएंगे स्वच्छता का उपहार

मुरादाबाद। तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर साइंसेज का गंगा चैंपियंस क्लब गंगा संरक्षण की दिशा में सतत और ठोस कार्य में जुटा है। क्लब का उद्देश्य केवल प्रतीकात्मक भागीदारी नहीं, बल्कि व्यवहार परिवर्तन के माध्यम से दीर्घकालिक गंगा संरक्षण है। गंगा चैंपियन क्लब ने कांवड़ यात्रा को गंगा स्वच्छता का सबसे बड़ा जन-अभियान बनाया है। क्लब ने कांवड़ियों को एक स्लोगन दिया है, गंगा से लिया जल, गंगा को दिया स्वच्छता का संकल्प। हर कांवड़िए को गंगाजल भरने से पहले या बाद में एक सरल संकल्प लें, वे गंगा में कचरा नहीं डालेंगे, प्लास्टिक का उपयोग नहीं करेंगे। दूसरों को भी जागरूक करेंगे। एक कांवड़िया-एक थैला कचरा- प्रत्येक श्रद्धालु घाट से लौटते समय एक थैला कचरा उठाकर निर्धारित स्थान पर डालेगा। प्लास्टिक-मुक्त कांवड़ यात्रा- एकल-उपयोग प्लास्टिक की बोतलों और पॉलीथिन की जगह पुनः उपयोग योग्य वस्तुओं को बढ़ावा दिया जाए। पूजा सामग्री का उचित निस्तारण- फूल-माला जैसी पूजा सामग्री को सीधे नदी में प्रवाहित करने के बजाए निर्धारित संग्रह केंद्रों में जमा किया जाए।

क्लब के वॉलेंटियर्स का मानना है, मेरी कांवड़-मेरा घाट- छोटे-छोटे समूहों में कांवड़िए घाट की सफाई में कुछ समय दें और अन्य श्रद्धालुओं को भी प्रेरित करें। एक कांवड़िया-एक घंटा गंगा के नाम- श्रमदान के रूप में हर श्रद्धालु अपनी यात्रा के दौरान कुछ समय गंगा तट की स्वच्छता को समर्पित करे। एक कांवड़िया-दस संदेश हर श्रद्धालु यात्रा से लौटकर कम से कम दस लोगों को गंगा संरक्षण का संदेश दे, ताकि यह अभियान परिवार और समाज तक पहुंचे। एक कांवड़िया-एक पौधे की जिम्मेदारी केवल पौधरोपण तक सीमित न रहकर, हर श्रद्धालु उस पौधे की देखभाल की जिम्मेदारी भी उठाए। डिजिटल संकल्प रिकॉर्ड- घाटों पर क्यूआर कोड के माध्यम से श्रद्धालु डिजिटल रूप से गंगा संकल्प ले सकें और प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकें, जिससे अभियान की मॉनिटरिंग और प्रभाव मूल्यांकन संभव हो सके। गंगा हमारी आस्था है, गंगा हमारी विरासत है, गंगा हमारा जीवन है और गंगा को स्वच्छ रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। टीएमयू का केंद्र सरकार के नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत एमओयू भी साइन है। इसी के तहत के गंगा चैंपियन क्लब का गठन हुआ है। उल्लेखनीय है, कॉलेज के डीन डॉ. पीके जैन और डॉ. गणेश दत्त भट्ट के नेतृत्व में यह क्लब नियमित रूप से गढ़मुक्तेश्वर समेत गंगा तटों की सफाई अभियान समय-समय पर करते रहते हैं। ख़ास बात यह है, क्लब लोकल युवाओं को भी इस मुहिम में अपने साथ जोड़ता रहता है।


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