
बिल्सी। तहसील बार एसोसिएशन बिल्सी के हॉल में शनिवार को देश का 80वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास, उत्साह और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में अधिवक्ताओं ने राष्ट्रीय पर्व के महत्व पर प्रकाश डालते हुए देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धापूर्वक याद किया। इस दौरान अधिवक्ताओं ने राष्ट्र की एकता, अखंडता, लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी व्यक्त की।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ग्राम न्यायालय बिल्सी के न्यायाधिकारी अखिलेश पटेल रहे। कार्यक्रम में तहसील बार एसोसिएशन बिल्सी के पूर्व अध्यक्ष मुकेश कुमार सिंह एडवोकेट एवं गिरीश कुमार सिंह एडवोकेट, वर्तमान महासचिव ज्ञान सिंह त्यागी एडवोकेट, विवेक राठी एडवोकेट तथा जिला बार एसोसिएशन बदायूं के अधिवक्ता दिनेश सिंह एडवोकेट सहित अन्य अधिवक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए।
स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास पर डाला प्रकाश
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि भारत की स्वतंत्रता अनेक वीर सपूतों के त्याग, संघर्ष और बलिदान का परिणाम है। स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास हमें देश के प्रति समर्पण, साहस, कर्तव्यनिष्ठा और एकजुटता की प्रेरणा देता है। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े विभिन्न ऐतिहासिक प्रसंगों एवं तथ्यों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि आज की पीढ़ी को देश के गौरवशाली इतिहास से परिचित कराना हम सभी का दायित्व है।
वक्ताओं ने कहा कि स्वतंत्रता का वास्तविक अर्थ तभी सार्थक होगा, जब प्रत्येक नागरिक अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों के प्रति भी सजग रहे। अधिवक्ताओं ने संविधान एवं कानून के शासन को लोकतंत्र की आधारशिला बताते हुए कहा कि न्याय व्यवस्था से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है कि वह समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्ग को न्याय दिलाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाए।
देश की एकता और अखंडता का लिया संकल्प
कार्यक्रम में उपस्थित अधिवक्ताओं ने देश की एकता एवं अखंडता को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि भारत की विविधता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। सभी नागरिकों को आपसी भाईचारा, सद्भाव और सामाजिक समरसता को मजबूत करने की दिशा में कार्य करना चाहिए। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने तथा शिक्षा, कानून, सामाजिक सेवा और जनकल्याण के माध्यम से देश की प्रगति में योगदान देने का आह्वान किया।
इस अवसर पर अधिवक्ताओं ने स्वतंत्रता सेनानियों और देश के वीर शहीदों के बलिदान को नमन करते हुए कहा कि आज हम जिस स्वतंत्र वातावरण में अपने विचार व्यक्त कर रहे हैं, उसके पीछे असंख्य ज्ञात-अज्ञात देशभक्तों का संघर्ष और त्याग है। इसलिए राष्ट्रीय पर्व केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि अपने राष्ट्रीय दायित्वों को याद करने का भी दिन है।
अधिवक्ताओं ने साझा किए विचार
कार्यक्रम में पूर्व अध्यक्ष मुकेश कुमार सिंह एडवोकेट और गिरीश कुमार सिंह एडवोकेट ने स्वतंत्रता आंदोलन के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। महासचिव ज्ञान सिंह त्यागी एडवोकेट ने राष्ट्रीय पर्व की महत्ता बताते हुए अधिवक्ता समुदाय की सामाजिक एवं संवैधानिक जिम्मेदारियों पर विचार रखे। विवेक राठी एडवोकेट और जिला बार एसोसिएशन बदायूं के अधिवक्ता दिनेश सिंह एडवोकेट ने भी स्वतंत्रता संग्राम के ऐतिहासिक तथ्यों एवं वर्तमान समय में स्वतंत्रता के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए।
मुख्य अतिथि ग्राम न्यायालय बिल्सी के न्यायाधिकारी अखिलेश पटेल ने स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि देश की आजादी हमें महान जिम्मेदारी भी प्रदान करती है। प्रत्येक नागरिक को कानून का सम्मान करते हुए समाज में न्याय, समानता और भाईचारे की भावना को बढ़ावा देना चाहिए। उन्होंने अधिवक्ताओं के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि न्याय व्यवस्था लोकतंत्र की महत्वपूर्ण आधारशिला है और अधिवक्ता समाज में न्याय एवं विधिक जागरूकता के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
मिष्ठान वितरण के साथ हुआ कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम का सफल संचालन आशीष शर्मा एडवोकेट ने किया। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथि, अधिवक्ताओं एवं सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। अंत में स्वतंत्रता दिवस की खुशी में सभी उपस्थित लोगों को मिष्ठान वितरित किया गया और देश की सुख-समृद्धि, शांति, एकता एवं अखंडता की कामना की गई।
इस अवसर पर मुकेश कुमार सिंह, गिरीश कुमार सिंह, शिव कुमार सिंह, ज्ञान सिंह त्यागी, आशीष शर्मा, सुमित कुमार, सुमित पाठक, विवेक राठी, हरकेश यादव, हरिओम यादव, बृजेश कुमार, बागीश माहेश्वरी सहित तहसील बार एसोसिएशन बिल्सी के अनेक अधिवक्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम का वातावरण पूरे समय देशभक्ति एवं राष्ट्रीय गौरव की भावना से ओतप्रोत रहा।
Budaun Amarprabhat