
बदायूं। जिले के प्रतिष्ठित संस्थान वेदामऊ वैदिक विद्यापीठ में 80वां स्वतंत्रता दिवस अत्यंत हर्षोल्लास और गरिमामयी माहौल में मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के संस्थापक एवं संस्कृत के प्रकांड विद्वान आचार्य वेदव्रत आर्य के सानिध्य में प्रातःकालीन बेला में भव्य ‘राष्ट्ररक्षा यज्ञ’ के साथ हुआ। इसके पश्चात संस्थापक के कर-कमलों द्वारा राष्ट्रध्वज फहराया गया और मां शारदे के विग्रह के समक्ष दीप प्रज्वलित कर विधिवत कार्यक्रम का आरंभ किया गया।
ध्वजारोहण के बाद विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने एक से बढ़कर एक मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिन्हें उपस्थित दर्शकों ने खूब सराहा और बच्चों का उत्साहवर्धन किया। समारोह के दौरान उत्कृष्ट प्रस्तुतियां देने वाले प्रतिभागियों को संस्थापक महोदय द्वारा पारितोषिक देकर सम्मानित किया गया।
समारोह को संबोधित करते हुए वरिष्ठ प्रवक्ता आचार्य शिव सिंह यादव ने अपने विचार रखे। माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य महेंद्र पाल सिंह यादव ने देश के गौरवशाली अतीत और स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आपसी कलह के कारण हमें लंबे समय तक परतंत्र रहना पड़ा, जो महान देशभक्तों की कठोर साधना के बाद स्वतंत्र हुआ। व्याकरण विभाग के अध्यक्ष आचार्य सर्वेश कुमार गुप्ता ने राष्ट्रीय पर्वों के महत्व और देशप्रेम पर विस्तार से व्याख्यान दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे संस्थापक आचार्य वेदव्रत आर्य ने अपने आशीर्वचन में कहा कि यह पावन दिवस हमें अमर शहीदों की याद दिलाता है। आज देश के समक्ष जो भी समस्याएं हैं, युवाओं को उन्हें जड़ से उखाड़ फेंकने का संकल्प लेना चाहिए। राष्ट्र के गौरव को ठेस पहुंचाने वाले कार्यों से बचते हुए हमें राष्ट्रहित में तन, मन और धन न्योछावर करना चाहिए।
विद्यालय के प्राचार्य वेदमित्र ने “स्वतंत्रता हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है” के प्रसंग को समझाते हुए 1857 की क्रांति से लेकर 15 अगस्त 1947 तक की ऐतिहासिक यात्रा का सुंदर वर्णन किया। कार्यक्रम का कुशल संचालन आचार्य सर्वेश कुमार गुप्ता द्वारा किया गया। इस अवसर पर आचार्य शिव सिंह यादव, श्रीमती अंकिता गुप्ता, सत्येंद्र आर्य, पोयम, बेबी, सृष्टि सहित समस्त शिक्षक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। अंत में शांति पाठ के साथ कार्यक्रम का भव्य समापन हुआ।
Budaun Amarprabhat