बदायूं आज दिनांक 19 8 2025 को संस्कृत महाविद्यालय वेदामऊ वैदिक विद्यापीठ बदायूं में संस्कृत सप्ताह के अंतर्गत दूसरे दिन संस्कृत संगोष्ठी का आयोजन किया
गया जिसका मुख्य उद्देश्य संस्कृत भाषा के महत्व को सहज ना है इस शुभ अवसर पर संगोष्ठी में उपस्थित गुरुकुल सूर्यकुंड संस्कृत महाविद्यालय के प्रवक्ता श्री वेद प्रियआर्य जी ने अपने संबोधन के माध्यम से संस्कृत व्याकरण के बारे में महर्षि पाणिनि की वर्णों उच्चारण शिक्षा पर बल देते हुए कहा कि शब्दों के उच्चारण से हमारा तंत्रिका तंत्र सक्रिय हो जाता है जिससे हमारा स्वास्थ्य ठीक रहता है संस्कृत भाषा बोलने वाले कभी तुतलाते नहीं है संस्कृत संगोष्ठी में उपस्थित संस्कृत के विद्वानों और वक्ताओं ने अपने-अपने व्याख्यानों के द्वारा प्रतिभागियों के समक्ष संस्कृत भाषा के इतिहास केपक्ष एवं साक्ष को रखा जिससे उनकी रुचि जागृत हुई कार्यक्रम अध्यक्ष एवं विद्यालय के संस्थापक महोदय संस्कृत के प्रकांडविद्वान आचार्य श्री वेद व्रत आर्य जी ने संस्कृत संगोष्ठी में संस्कृत भाषा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति समृद्ध साहित्य धर्म एवं भाषा के बिना पूर्ण नहीं हो सकता है और इससे इसका महत्व पूर्ण हो जाता है इसका महत्वप्राचीन भारत में धर्म के प्रचार प्रसार में पाली और संस्कृत भाषा का योगदान रहा है अतः अपने गौरवशाली इतिहास की जानकारी इन्हीं भाषाओं के द्वारा ही प्राप्त हो सकती है इस प्रकार उन्होंने हम सबको संस्कृत के प्रति प्रेम की भावना को जागृत किया विद्यालय के प्राचार्य श्री वेद मित्र आर्य जी ने संगोष्ठी में उपस्थित सभी संस्कृत के विद्वानोंअतिथियों का आभार व्यक्त किया और उन्होंने संस्कृत भाषा के प्रति अपने अनुराग को भी प्रकट किया संगोष्ठी में विद्यालय का समस्त स्टाफ एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे कार्यक्रम का संचालन संस्कृत संगोष्ठी के संयोजक संचालक आचार्य सर्वेश कुमार गुप्ता जी ने किया शांति पाठ के उपरांत संस्कृत संगोष्ठी संपन्न हुई
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