डीएनटी महासभा के पदाधिकारियों ने एसडीएम से मिलकर की कार्रवाई की मांग, आवागमन बाधित होने से ग्रामीण परेशान
संवाददाता : गोविंद देवल
मुजरिया/सहसवान। तहसील क्षेत्र के ग्राम चतुरी नगला स्थित वाल्मीकि बस्ती के ग्रामीणों ने शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचकर बस्ती को गांव से जोड़ने वाले रास्ते को खुलवाने की मांग की। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बस्ती का वर्षों पुराना मार्ग जोत दिए जाने से उनका आवागमन प्रभावित हो गया है और उन्हें भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के समर्थन में डीएनटी महासभा के प्रदेश अध्यक्ष रंजीत कुमार वाल्मीकि अपने जनपद स्तरीय पदाधिकारियों के साथ तहसील पहुंचे और प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात कर मामले में हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने कहा कि रास्ता बंद होने से बस्ती के लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है, इसलिए प्रशासन को तत्काल समाधान सुनिश्चित करना चाहिए।
ग्रामीणों के अनुसार वाल्मीकि बस्ती और गांव के बीच एकमात्र संपर्क मार्ग था, जिसका उपयोग वर्षों से आवागमन के लिए किया जा रहा था। आरोप है कि कुछ लोगों ने ट्रैक्टर चलाकर रास्ते को जोत दिया, जिससे बस्ती का संपर्क मुख्य गांव से बाधित हो गया।
ग्रामीणों ने बताया कि रास्ता बंद होने से मरीजों, बुजुर्गों, महिलाओं और स्कूली बच्चों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। आपात स्थिति में बीमार व्यक्तियों को खेतों के रास्ते चारपाई पर ले जाकर मुख्य सड़क तक पहुंचाना पड़ता है। पशुओं को लाने-ले जाने तथा कृषि कार्यों से जुड़े अन्य कार्यों में भी दिक्कतें आ रही हैं।
बस्तीवासियों का कहना है कि गांव में विकास कार्यों के तहत अन्य स्थानों पर सड़कें और सुविधाएं उपलब्ध हैं, जबकि उनकी बस्ती अभी भी कई मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। समस्या के समाधान के लिए ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी एवं पुलिस प्रशासन को प्रार्थना पत्र सौंपकर रास्ता खुलवाने और आवश्यक कार्रवाई की मांग की।
संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचे दर्जनों महिला एवं पुरुष ग्रामीणों ने अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्या रखी। ग्रामीणों के अनुसार प्रशासन की ओर से मामले में आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। अब बस्ती के लोगों की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं और वे जल्द समाधान की उम्मीद कर रहे हैं।
Budaun Amarprabhat