लखनऊ: कुँवर्स ग्लोबल स्कूल में गंगासमग्र ,गंगा सेविका का राष्ट्रीय अभ्यास वर्ग का आयोजन 4,5,6,अक्टूबर को किया गया । जहाँ देश भर से बहनें उपस्थित हुई।
गंगासमग्र के राष्ट्रीय संगठन मंत्री रामाशीष जी ,राष्ट्रीय अध्यक्ष अमरेन्द्र जी वर्गाधिकारी सीमाचौहान ने दीप प्रज्वलित कर सत्र का प्रारंभ किया । प्रथम सत्र में रामाशीष जी ने गंगा के महत्व पर प्रकाश डाला और कहा गंगा का कार्य ईश्वरीय कार्य है और गंगासेविका आयाम गंगासमग्र की सशक्त रीढ़ है । गंगा हमारे पूर्वजों के अविरल तप का फल है , इस पावन गंगा को अविरल निर्मल बनाए रखने के लिए हम सभी को निरंतर कार्य करना है। रामायण की चौपाई ‘सब मिलि करहिं परस्पर प्रीति…’से पंचपरिवर्तन का मंत्र दिया।राष्ट्रीय पदाधिकारी रमाशंकर जी ने गंगा सेविका को संगठनात्मक जानकारी दी और गंगासमग्र के पन्द्रह आयाम पर चर्चा करी ।गंगा सेविका प्रांत, जिला ,नगर,खंड और वार्ड तक गंगा की अविरलता के लिए समूह बनाकर समाज को जागरूक करें।
राष्ट्रीय मंत्री अवधेश जी ने कार्य करने के साथ-साथ प्रचार प्रसार पर जानकारी साझा करी ,सोशल मीडिया ,अखबार , दूरसंचार व दूरदर्शन के माध्यम सें जल तंत्र का चिंतन मनन आवश्यक है गंगासमग्र की कार्य शैली,गंगा की स्वच्छता ,निर्मलता ,अविरलता का भाव समाज तक सकारात्मक स्वरूप में प्रवाहित हो,और समाज में धर्म के नाम पर होते जा रहे विकार को दूर कर सकें । राष्ट्रीय अध्यक्ष अमरेन्द्र जी ने कहा कि सनातन में वह शक्ति है कि वह स्वयं की स्वच्छता करने में सक्षम है आज हमें धर्म के नाम पर हो रहे खिलवाड को रोकने का समय है हजारों लाखों की संख्या में हो रहे कैमिकल युक्त मूर्तियों को गंगा में विसर्जित करने से समाज को बचना होगा । घरों में हम छोटी मूर्तियों का पूजन करें वह भी पावन मिट्टी की ।कैमिकल युक्त रंग गुलाल से बचे यह वातावरण के लिए नुकसानदायक है उसके स्थान पर हम फूलों का प्रयोग करें।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि सीमाचौहान नें कहा की
स्वर्ग से आई गंगा एक अलौकिक शक्ति है , यह वरदान है ,इसका कार्य करने के लिए देश भर से जो गंगा सेविका आईं हैं वह गंगा ने स्वयं चयनित कर भेजी हैं। इस अभ्यास वर्ग से हमारे भीतर
की ऊर्जा,हमारी चेतना ,हमारा भाव जागृत होकर संगठन को मजबूत करते हुए देश भर में गंगा की स्वच्छता का संकल्प लेकर
कार्य योजनानुसार कार्यक्रम, उत्सव व कार्य का विभाजन करेगें । गंगा हमारी जीवन रेखा है हमारी संस्कृति की संवाहक है ।एक माँ से एक परिवार के विचार प्रभावित होते हैं ,और परिवार से समाज अतः गंगा सेविका अपनी जिम्मेदारी समझते हुए गंगा के साथ साथ, जल संरक्षण व स्वच्छता का संकल्प लें ,और आने वाली पीढ़ी को जागरूक करे ।अभ्यास वर्ग में प्रीति जी बिहार से नियंत्रक रहीं, डां बबीता जी नें संचालन किया ,अर्चना सिंह, श्वेता जी ,दिव्या जी ,गीता जी ने गंगा मंत्र ,गीत आदि प्रस्तुत करे । इस अभ्यास वर्ग में राष्ट्रीय अध्यक्ष अमरेन्द्र जी ने ब्रज प्रांत की सीमाचौहान, गुजरात से नीतू खेमानी, कानपुर प्रांत की डा. बबीता जी को राष्ट्रीय कार्यकारिणी
में सदस्य की घोषणा की। लखनऊ की दिव्या पांडे जी ने शाल भेंट करी । उत्तरबिहार ,दक्षिण बिहार ,गुजरात, हरियाणा,मेरठ,काशी,कानपुर, अवध,ब्रज प्रांत उपस्थित रहे। अभ्यास वर्ग में ,गीता सिंह, विजय लक्ष्मी ,पूनम सिंह, कीर्ति ,राधा ,बबीता तँवर, नीतू खेमानी गायत्री शाह,स्नेहलता ,श्वेता सिंह ,मंजेश,संगीता शर्मा, रागिनी देवी सहित अनेकों गंगा सेविका उपस्थित रहीं।
Budaun Amarprabhat