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फुलसंदे वाले बाबा के दिव्य सतसंग के दूसरे दिन का समापन देवकली पटना में था दैत्य गुरु शुक्राचार्य का आश्रम : बाबा फुलसंदे वाले

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फुलसंदे वाले बाबा के दिव्य सतसंग के दूसरे दिन का समापन
देवकली पटना में था दैत्य गुरु शुक्राचार्य का आश्रम : बाबा फुलसंदे वाले
बदायूं : 08 अक्तूबर | जोगीपुरा में स्थित निकट शक्ति टेंट हाउस गुरुद्वारा हाल में चल रहे तीन दिवसीय सत्संग के द्वितीय दिन सत्पुरुष फुलसंदे वाले बाबा ने बदायूं (वेदामऊ) के प्राचीन इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान में उसावाँ (उष्णिपुरी) के निकट स्थित पटना देवकली में दैत्य गुरु शुक्राचार्य ने संजीवनी विद्या महामृत्युंजय मंत्रशक्ति की सिद्धि प्राप्त की थी।
साथ ही उन्होंने अध्यात्मिक ज्ञान को परिभाषित करते हुए आगे कहा कि –
हर जन्म में मेरी आत्मा, तुमको ही ढूंढती फिरती थी, आदि पुरुष तेरे प्रेम में, लड़खड़ाती फिरती थी।
कभी अंधेरा कभी उजाला दुनिया में छाया रहता, ब्रह्मरूप गुरु तेरे चरणों में फूल चढ़ाता रहता हूँ। रात दिन अपने मस्तक को झुकाता रहता हूँ।
सत्संग से पूर्व सत्संग स्थल पर फुलसंदे वाले बाबा का उनके अनुयायिओं द्वारा स्वागत किया गया। इस दौरान शिव स्वरूप गुप्ता, जगदीश धींगड़ा, रामवीर सिंह, महेश मित्र, जगदीश सरन शर्मा, अशोक सक्सेना, डॉ. सुशील कुमार, वीरेन्द्र धींगड़ा, अमृत गांधी, विष्णु देव चांडक्य, हरिओम गांधी, सरिता चौहान, दीपमाला गोयल, दीप खुराना, कविता गांधी, आशा धींगड़ा, आदि ने बाबा को पुष्प मालाएँ पहनाकर उनका अभिनंदन किया। कार्यक्रम का संचालन आचार्य गुरु चरण मिश्र ने किया। अंत में कार्यक्रम के आयोजक अशोक खुराना ने सभी उपस्थित जनों का आभार व्यक्त किया।


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