Breaking News

बुधादित्य एवं भौमादित्य योग में धन त्रयोदशी आज: ज्योतिषविद राजेश कुमार शर्मा

Spread the love

बुधादित्य एवं भौमादित्य योग में धन त्रयोदशी आज: ज्योतिषविद राजेश कुमार शर्मा

*धन्वंतरि जयंती भी आज

धन्वन्तरि जयन्ती सहित प्रदोष व्यापिनी त्रयोदशी तिथि में धनतेरस का पर्व इस साल 18 अक्टूबर 2025 दिन शनिवार को मनाया जाएगा। आचार्य राजेश कुमार शर्मा के अनुसार प्रदोष काल में माता लक्ष्मी- श्री हरि विष्णु सहित भगवान शिव एवं माता पार्वती की पूजा अर्चन करने से धन का आवक बढ़ेगा बढ़ता है तथा संतान से संबंधित सभी कष्टों से मुक्ति मिलेगी। आचार्य राजेश कुमार शर्मा बताते हैं इस वर्ष धनतेरस के दिन ग्रहों का भी बहुत ही सुंदर योग बन रहा है। जहां इस दिन चंद्रमा सिंह राशि मे रात में 11:55 बजे तक उसके बाद कन्या राशि में शुक्र के साथ विद्यमान होगा। इस प्रकार चंद्रमा की केतु के साथ युति बनेगी, इसके अलावा वहीं पर बुध, शुक्र की राशि तुला में विद्यमान रहकर बुधादित्य एवं राशि परिवर्तन राजयोग का निर्माण करेगा। मंगल शुक्र की राशि तुला में सूर्य के साथ भौमादित्य नामक योग का निर्माण करके विद्यमान होगा। गुरु, मिथुन राशि मे अपनी उच्चाभिलाषी स्थिति में विद्यमान होगा। शनि, देव गुरु बृहस्पति की राशि मीन में, केतु सिंह राशि में तथा राहु कुंभ राशि में गोचर करेगा। जिस दिन शनि प्रदोष व्रत भी किया जाएगा । जिसमें व्रत रहकर प्रदोष काल में भगवान शिव, माता पार्वती एवं माता लक्ष्मी की पूजा श्री हरि विष्णु के साथ करने से उत्तम फल की प्राप्ति होगी। संतान की प्रगति से मन प्रसन्न रहता है।
इस दिन शुभ मुहूर्त में की गई खरीदारी शुभ फल प्रदायक होती है।
त्रयोदशी तिथि में पूजन के लिए स्थिर लग्न

18 अक्टूबर दिन शनिवार को स्थिर लग्न कुम्भ दोपहर 02:21 से 3:46 बजे तक ।

18 अक्टूबर दिन शनिवार को स्थिर लग्न वृष रात में 06:59 से 8:56 बजे तक ।

18 अक्टूबर दिन शनिवार को मध्य रात्रि बाद स्थिर लग्न सिंह 01:27 से 3:40 बजे रात तक।

19 अक्टूबर दिन रविवार को स्थिर लग्न वृश्चिक सुबह 8:10 से 10:25 बजे तक।
उपरोक्त समय मे की गयी खरीदारी एवं माता लक्ष्मी का पूजन शुभ फलदायी होता है।

धनतेरस क्यों मनाया जाता है:

आचार्य राजेश कुमार शर्मा बताते हैं हिंदू शास्त्रों के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी के दिन भगवान धन्वंतरि अपने हाथ में अमृत कलश लेकर प्रकट हुए। भगवान धन्वंतरि को भगवान विष्णु का अंश अवतार माना गया है। संसार में चिकित्सा विज्ञान के विस्तार व प्रसार के लिए भगवान विष्णु ने भगवान धन्वंतरि का अवतार लिया था। भगवान धन्वंतरि के प्रकट होने के उपलक्ष्य होने में यह त्योहार मनाया जाता है।
*धनतेरस के दिन मां लक्ष्मी, धन देवता कुबेर जी व भगवान धन्वंतरि की पूजा का विधान है।

*धनतेरस पर सोना-चांदी व उससे बने आभूषण, पीतल व तांबे के बर्तन, झाड़ू व सूखा धनिया आदि को खरीदना अत्यंत शुभ माना गया है।

*धनतेरस के दिन यम देवता की कृपा पाने के लिए घर की दक्षिण दिशा में चौमुखी दीपक जलाना चाहिए।

ज्योतिषाचार्य राजेश कुमार शर्मा


Spread the love

About Govind Deval

Check Also

ग्राम प्रधान उन्मुखीकरण कार्यक्रम सम्पन्न शिक्षा के क्षेत्र में मिलकर काम करने का आह्वान

Spread the love संवाददाता : गोविंद देवल कादरचौक। असरासी स्थित ब्लॉक संसाधन केंद्र पर बेसिक …

error: Content is protected !!