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भगवान श्रीराम के जीवन चरित्र पर आधारित कवि सम्मेलन आयोजित हुआ

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संस्कार भारती शाखा बदायूँ द्वारा गाँधी ग्राउन्ड में चल रहे रामलीला महोत्सव में भगवान श्रीराम के जीवन चरित्र पर आधारित कवि सम्मेलन आयोजित हुआ, जिसकी अध्यक्षता साहित्यकार अशोक खुराना ने की। सभी सदस्यों ने दीप प्रज्ज्वलित कर माँ शारदे को पुष्प अर्पित किए, उपरान्त कार्यक्रम का शुभारम्भ कवि कुमार आशीष ने सरस्वती वन्दना पढ़कर किया। सदर विधायक महेशचन्द्र गुप्ता ने कवियों का मार्ल्यापण एवं पटका पहनाकर अभिवादन किया और भगवान श्रीराम के जीवन चरित्र पर अपने विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम देर रात तक चला और तमाम श्रोताओं ने अपने उपस्थिति से वाणीपुत्रों का उत्साहवर्धन किया।

कवि कुमार आशीष ने पढ़ा–
राम को मन में बसाकर राम जैसे काम हों
द्वेष औ दुर्भावना के तम से अब संग्राम हों
सीख त्रेता से अगर द्वापर सदा लेते रहें
तो नहीं कुरूक्षेत्र जैसे फिर दुखद परिणाम हों

वरिष्ठ कवि नरेन्द्र गरल ने कुछ इस प्रकार अपने मन के भाव प्रकट किए–
राम की धीरता वीरता का
आज हम आकलन कर रहे हैं
सद्गुणों के समुन्दर हैं राघव
और हम आचमन कर रहे हैं

साहित्यकार अशोक खुराना ने इन पंक्तियों द्वारा अपने विचार व्यक्त किए–
रावण वध किसने किया, माँ ने किया सवाल
‘‘मैं‘‘ कारण मारा गया, उत्तर था तत्काल

डॉ. अरविन्द धवल ने पढ़ा-
जन्म से मृत्यु तक, भू से प्रभु धाम तक।
काम से हो के आरम्भ निष्काम तक।।
जीव की है जो भूलोक यात्रा ‘‘धवल‘‘,
ये समझिये कि बस ‘‘राम से राम तक‘‘।।
वरिष्ठ कवि महेश मित्र और विनोद सक्सेना, उझानी से आए डॉ. गीतम सिंह, मुरादाबाद से आए उदय अस्त, भारत शर्मा राज, पवन शंखधार एवं षटवदन शंखधार ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्र मुग्ध कर दिया। डॉ. मदन मोहन लाल तथा नरेश शर्मा आदि उपस्थित रहे। संचालन युवा कवि उज्जवल वशिष्ठ ने किया।


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