नई दिल्ली/बदायूं।
समाजवादी पार्टी के युवा व सक्रिय सांसद आदित्य यादव ने एक बार फिर अपने संसदीय क्षेत्र बदायूं के किसानों की आवाज़ बुलंद करते हुए लोकसभा के शीतकालीन सत्र में बेहद महत्वपूर्ण मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया। किसानों की समस्या को केन्द्र में रखकर जिस सारगर्भित, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील तरीके से उन्होंने सरकार का ध्यान आकर्षित किया, उसकी सराहना हर ओर की जा रही है।
सांसद आदित्य यादव ने अपने संबोधन में कहा कि बदायूं–दातागंज मार्ग पर स्थित रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज का निर्माण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र के हजारों किसान गन्ने और अन्य फसलों को लेकर इसी एक मात्र मार्ग से मंडियों और चीनी मिलों तक आते-जाते हैं। वर्तमान में यहां अंडरपास प्रस्तावित है, जो किसानों के लिए व्यवहारिक नहीं है।
सांसद ने स्पष्ट कहा कि बरसात के समय अंडरपास में पानी भराव की समस्या अनिवार्य रूप से उत्पन्न होती है, जिससे किसानों की आवाजाही ठप हो जाएगी। ऐसे में ओवरब्रिज ही एकमात्र उपयोगी समाधान है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि चूंकि अंडरपास का निर्माण अभी प्रारंभ नहीं हुआ है, इसलिए इसे तत्काल बदलकर ओवरब्रिज की स्वीकृति दी जाए, जिससे किसानों को लंबे समय तक राहत मिल सके।
आदित्य यादव ने कहा—
“किसानों को मंडी और मिलों तक जाने के लिए यही एक रास्ता है। अंडरपास बनने से उनकी परेशानियां और बढ़ेंगी। इसलिए रेलवे मंत्रालय इस प्रस्ताव पर पुनर्विचार कर ओवरब्रिज बनवाए, यही सही समाधान है।”
किसानों की आवाज को बुलंद करने के लिए मिली सराहना
सांसद आदित्य यादव द्वारा क्षेत्र की वास्तविक समस्याओं को जमीनी हकीकत के साथ देश की सर्वोच्च पंचायत में उठाना उनके जनमानस और कृषक हितों के प्रति समर्पण को दर्शाता है। बदायूं क्षेत्र में किसानों ने उनके इस प्रयास की प्रशंसा करते हुए कहा कि सांसद ने सचमुच उनकी व्यथा को संसद तक पहुंचाया है।
सांसद की यह पहल न केवल क्षेत्रीय विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता दिखाती है बल्कि यह भी स्पष्ट करती है कि वे किसानों की समस्या को लेकर बेहद संवेदनशील हैं। बदायूं के विकास की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
Budaun Amarprabhat