सहसवान/बदायूं।
हिंदुस्तान यूनिलीवर फाउंडेशन एवं सुविधा संस्था द्वारा संचालित जल संवर्धन परियोजना प्रवाह के तहत मंगलवार को विश्व मृदा दिवस ग्राम भमोरी गौसपुर व खितौरा कुंदन में मनाया गया। कार्यक्रम का विषय रहा—“मिट्टी और पानी: जीवन का स्रोत”, जिसमें किसानों को मृदा स्वास्थ्य संरक्षण और जल दक्ष खेती के महत्व से अवगत कराया गया।
कार्यक्रम में परियोजना प्रबंधक डॉ. सत्यप्रिय सिकरवार ने किसानों को जैविक खेती के लाभ विस्तार से बताए। उन्होंने मृदा नमूना संग्रहण की विधि, जीवामृत व घनजीवामृत तैयार करने का प्रशिक्षण दिया तथा जैविक खादों के उपयोग को आज की कृषि आवश्यकताओं के अनुरूप बताया। किसानों ने भी अपने अनुभव साझा कर कार्यक्रम को सार्थक बनाया।
विश्व मृदा दिवस के इस आयोजन में वन विभाग सहसवान से वनरक्षक शिवम शंखधार, सुविधा संस्था के सभी जल सखी एवं जल मित्र, क्षेत्र समन्वयक हिमांशू सिंह, शिवव्रत, नमन, ब्लॉक समन्वयक वीरेन्द्र प्रसाद सहित स्थानीय जन प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का मुख्य संदेश यही रहा कि स्वस्थ मिट्टी ही जल संरक्षण और टिकाऊ कृषि की रीढ़ है, और इसी समझ को गांव-गांव तक पहुँचाना परियोजना का प्रमुख उद्देश्य है।
Budaun Amarprabhat