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छात्र-शिक्षक समुदाय ने श्रद्धांजलि देते हुए आदर्श विचारों का किया आदान-प्रदान
संवाददाता — गोविंद देवल, बदायूं
बदायूं। आवास विकास स्थित राजकीय महाविद्यालय में शनिवार को डॉ. भीमराव अंबेडकर की पुण्यतिथि पर परिनिर्वाण दिवस के रूप में श्रद्धांजलि सभा और गोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. अनिल कुमार ने की, जबकि संचालन डॉ. रविंद्र सिंह यादव ने किया।
मुख्य वक्ता डॉ. संजय कुमार (इतिहास विभाग) ने अपने उद्बोधन में कहा कि “जब तक समाज की निचली पायदान पर खड़ा व्यक्ति आत्मगौरव के साथ नहीं उठ खड़ा होगा, तब तक राष्ट्र का समग्र विकास संभव नहीं है।” उन्होंने अंबेडकर जी के जीवन की प्रमुख घटनाओं और उनके द्वारा गरीबों व महिलाओं को शिक्षित करने के विचारों को रेखांकित किया।
विशिष्ट वक्ता डॉ. सतीश सिंह यादव (राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी) ने अंबेडकर जी के जल संरक्षण प्रयासों और “नदी जोड़ो परियोजना” पर अपने विचार साझा किए। इतिहास विभाग के अध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार ने अंबेडकर जी के सामाजिक न्याय के सिद्धांत और दलित समाज के उत्थान के प्रयासों का विवरण दिया। शारीरिक शिक्षा विभाग के डॉ. हुकुम सिंह ने अंबेडकर जी द्वारा अस्पृश्यता उन्मूलन आंदोलन पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर इतिहास परिषद के अध्यक्ष अनूप सिंह यादव, छात्रा समीक्षा और अस्मिता सागर ने भी अपने विचार रखे।
अध्यक्षीय भाषण में प्राचार्य डॉ. अनिल कुमार ने कहा कि “डॉ. भीमराव अंबेडकर दलित और वंचित समाज के मसीहा थे। उन्होंने समाज के अछूत वर्ग को समानता का अधिकार दिलाकर संविधान की रचना की, जिससे भारत लोकतंत्र के पथ पर अग्रसर हुआ।”
कार्यक्रम में **डॉ. बबीता यादव, डॉ. सारिका शर्मा, डॉ. गौरव कुमार सिंह, डॉ. दिलीप कुमार वर्मा, डॉ. जुने
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