संवादाता: गोविंद देवल
बदायूं: आज दिनांक 22 दिसंबर को मालवीय आवास गृह पर किसानों का धरना लगातार पांचवें दिन भी जारी रहा। किसानों ने जिलाधिकारी को पांच सूत्रीय ज्ञापन सौंपा जिसमें प्रमुख रूप से मांग की गई है:
बिल्सी क्रय केंद्र को दोबारा चालू किया जाए।
जनपद के सभी ग्राम सचिवालयों पर जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र एवं किसान सम्मान निधि खतौनी के अंश सुधार की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
सचिवालय पर ग्राम सभा से संबंधित कर्मचारी और अधिकारी सप्ताह में कम से कम एक दिन उपस्थिति दर्ज कराएँ, ताकि गांव की जनता के कार्य सुगमता से गांव में ही संपन्न हो सकें।
किसानों ने आरोप लगाया कि शासन जनता को अधिक से अधिक सुविधा देने की कोशिश कर रहा है, लेकिन प्रशासन शासन के आदेशों की खुली धज्जियां उड़ा रहा है। उन्होंने कहा कि सचिवालय पर सहायक सचिव की नियुक्ति और कंप्यूटर उपलब्ध कराने के बावजूद जनता को गांव के बाहर जाना पड़ता है।
किसानों ने उत्तर प्रदेश राज्य सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड से एनपीए खातों पर ओटीएस (OTS) लागू करने की भी मांग की। उनका कहना था कि जब राष्ट्रीयकृत बैंक किसानों के एनपीए खातों पर ओटीएस का लाभ दे रही है, तो राज्य सहकारी बैंक ऐसा क्यों नहीं कर रही। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक मुफ्त समाधान योजना लागू नहीं होगी, तब तक किसान एक लाख से पांच लाख रुपये तक का कर्ज नहीं चुका पाएंगे।
विद्युत विभाग द्वारा उपभोक्ताओं पर लगाए गए फर्जी बिलों को लेकर भी किसानों ने नाराजगी व्यक्त की।
धरने में जिले के दर्जनों किसान उपस्थित रहे। इसमें प्रमुख रूप से जिला अध्यक्ष रामा शंकर शंखधर, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य रविंद्र सिंह पटेल, युवा जिला अध्यक्ष अमरपाल सिंह यादव, मंडल सचिव विनोद सक्सेना, जिला महासचिव नरेंद्र सक्सेना, तहसील अध्यक्ष सदर अर्जुन सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष सहसवान महिपाल सिंह यादव, ब्लॉक इस्लामनगर सचिव जागन सिंह शिवदयाल आदि शामिल रहे।
किसानों ने प्रशासन से मांग की कि उनकी समस्याओं का त्वरित और उचित समाधान किया जाए।
Budaun Amarprabhat