
संवादाता: गोविंद देवल
बदायूं: आवास विकास स्थित राजकीय महाविद्यालय में अटल बिहारी वाजपेयी जन्मशताब्दी समारोह के अवसर पर जिला स्तरीय भाषण, निबंध और एकल काव्य पाठ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. श्रद्धा गुप्ता ने की, जबकि संचालन डॉ. राकेश कुमार जायसवाल ने किया। उद्घाटन दीप प्रज्वलन से मुख्य अतिथि डॉ. वंदना, प्राचार्य राजकीय महिला महाविद्यालय ने किया।
भाषण प्रतियोगिता में “अटल जी एवं सुशासन की महत्ता” विषय पर अनूप सिंह (राजकीय महाविद्यालय) ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। दूसरे स्थान पर जेएस कॉलेज के सुदेश और तीसरे स्थान पर राजकीय महाविद्यालय के कुणाल शर्मा रहे।
अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन और उनकी कविताओं पर आधारित एकल काव्य पाठ प्रतियोगिता में पहला स्थान शगुन शर्मा (राजकीय महाविद्यालय), दूसरा स्थान अरुण सिंह और तीसरा स्थान सुमन (जीबी पंत डिग्री कॉलेज, कछला) को मिला। प्रतियोगिता में महाराणा प्रताप राजकीय महाविद्यालय बिल्सी, राजकीय महिला महाविद्यालय, जेएस कॉलेज, एचपी इंस्टीट्यूट, गिन्दो देवी महिला महाविद्यालय सहित विभिन्न महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।
निर्णायक मंडल में हिन्दी की प्रसिद्ध कवयत्री डॉ. कमला माहेश्वरी, साहित्यकार व समाजसेविका डॉ. ममता नागौरिया और डॉ. निशि अवस्थी शामिल रहे।
कक्षा 8 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए आयोजित निबंध प्रतियोगिता में प्रथम स्थान वशिष्ठ पाल (एस के इंटर कॉलेज), दूसरा स्थान योगेंद्री कुमारी (राजकीय हाई स्कूल दहेमू) और तीसरा स्थान सेबी (मदनलाल इंटर कॉलेज, बिसौली) को मिला। निर्णायक मंडल में डॉ. प्रेमचंद चौधरी, डॉ. ज्योति बिश्नोई, डॉ. राशेदा खातून और डॉ. जुनेद आलम ने भूमिका निभाई।
सभी विजेता प्रतिभागियों को अटल जयंती सुशासन दिवस के मुख्य समारोह में जिलाधिकारी द्वारा पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। आयोजन समिति के संयोजक डॉ. रविंद्र सिंह यादव ने सभी का आभार व्यक्त किया।
डॉ. ममता नागौरिया ने अटल जी के व्यक्तित्व और उनके राजनीतिक कौशल पर प्रकाश डाला। डॉ. कमला माहेश्वरी ने स्वरचित कविताओं के माध्यम से अटल जी की राष्ट्रभक्ति, मानवता और विश्व शांति के लिए किए गए प्रयासों को याद किया।
कार्यक्रम में डॉ. अनिल कुमार, डॉ. हुकुम सिंह, डॉ. अंशुमान गुप्ता, पवन कुमार, इस्लामिया के प्रधानाचार्य डॉ. अबुल सुबुर, कपिल देव यादव, रामेश्वर दत्त और निखिल सिंह आदि ने सहयोग प्रदान किया।
Budaun Amarprabhat