संवाददाता : गोविंद देवल
बदायूँ। जनपद के प्रसिद्ध शिक्षक एवं साहित्यकार राजवीर सिंह ‘तरंग’ ने साहित्य के क्षेत्र में बदायूँ का नाम राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी रोशन किया है। उन्हें बिलासा साहित्य शिक्षण संस्थान, छत्तीसगढ़ के छंदाचार्य डॉ. रामनाथ साहू ‘ननकी’ द्वारा नव प्रसारित छंद विधान पर सृजित प्रणत छंद ग्रंथ में अर्थ-समवृत छंद लेखन के लिए 129 अन्य सृजनकारों के साथ ‘द मैजिक बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड–2025’ से सम्मानित किया गया है।
इस उपलब्धि को साहित्य जगत के लिए गौरवपूर्ण बताते हुए बिलासा साहित्य शिक्षण संस्थान के संस्थापक डॉ. रामनाथ साहू ‘ननकी’ सहित अनेक साहित्य साधकों ने राजवीर सिंह ‘तरंग’ को बधाई दी। कारवां-ए-अमजद अकादमी के संस्थापक एवं अध्यक्ष अहमद अमजदी बदायुंनी ने इसे बदायूँ की साहित्यिक परंपरा के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया।
वरिष्ठ साहित्यकार हरि प्रताप राठौड़, शम्स मुजाहिदी, अमन फर्रूखाबादी, विष्णु असावा, ओजस्वी जौहरी, अचिन मासूम, प्रभाकर सक्सेना, चंद्रवीर सिंह, आमिर फारुक़, ज्योति सक्सेना, बी.पी. सिंह गौतम, भूपेंद्र आदित्य, मुनेन्द्र पाल, सुनीता वर्मा, अशोक कुमार सहित अन्य साहित्यकारों व शुभचिंतकों ने भी उन्हें इस उपलब्धि पर हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
साहित्यप्रेमियों का कहना है कि राजवीर सिंह ‘तरंग’ की यह उपलब्धि न केवल जनपद बदायूँ बल्कि समूचे साहित्य जगत के लिए प्रेरणास्रोत है।
Budaun Amarprabhat