संवाददाता :
बदायूँ (दातागंज)। पुलिस की वर्दी केवल कानून का प्रतीक ही नहीं, बल्कि संवेदनशीलता और इंसानियत का भी आईना होती है—इस बात को दातागंज कोतवाली प्रभारी निरीक्षक वेदपाल सिंह ने एक बार फिर साबित कर दिया। अपनी ईमानदारी, निडरता और तेज-तर्रार कार्यशैली के लिए पहचाने जाने वाले इंस्पेक्टर वेदपाल सिंह ने बुधवार को ‘जनता दर्शन’ के दौरान न सिर्फ एक पीड़ित महिला के आंसू पोंछे, बल्कि एक बिखरते परिवार को भी टूटने से बचा लिया।
दातागंज क्षेत्र में तैनात प्रभारी निरीक्षक वेदपाल सिंह की छवि एक जांबाज और कर्मठ पुलिस अधिकारी की है। हाल के दिनों में कई जटिल और बड़े आपराधिक मामलों के सफल खुलासे के बाद उनकी कार्यशैली की चर्चा अब जनपद ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में हो रही है। जनप्रतिनिधियों से लेकर आम नागरिक और महिलाएं तक उनकी सक्रियता और निष्पक्ष कार्यप्रणाली की खुले दिल से सराहना कर रहे हैं।
कोतवाल वेदपाल सिंह द्वारा नियमित रूप से की जा रही पैदल गश्त से व्यापारियों और दुकानदारों में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है। सड़कों पर पुलिस की सशक्त मौजूदगी से जहां असामाजिक तत्वों में भय का माहौल है, वहीं आम जनता खुद को सुरक्षित महसूस कर रही है।
बुधवार को कोतवाली परिसर में आयोजित जनता दर्शन के दौरान एक मार्मिक दृश्य देखने को मिला। एक महिला अपने तीन छोटे बच्चों—दो बेटियां और एक बेटे—के साथ रोते-बिलखते हुए कोतवाल के पास पहुंची। महिला ने बताया कि उसका पति शराब का आदी है, न घर की जिम्मेदारी निभाता है और न ही बच्चों के भरण-पोषण के लिए कोई सहयोग करता है।
महिला की पीड़ा सुनते ही प्रभारी निरीक्षक वेदपाल सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल पुलिस टीम भेजकर उसके पति को कोतवाली बुलवाया। उन्होंने सख्त शब्दों में पति को उसकी जिम्मेदारियों का एहसास कराया और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी के साथ-साथ परिवार के महत्व को समझाया। पुलिस की इस काउंसलिंग का सकारात्मक असर देखने को मिला और पति ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए पत्नी व बच्चों के साथ सही जीवन जीने का संकल्प लिया।
इस संबंध में हमारे संवाददाता अभिषेक वर्मा से बातचीत में कोतवाली प्रभारी निरीक्षक वेदपाल सिंह ने कहा,
“जनता की सेवा और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान हमारी प्राथमिकता है। पुलिस का उद्देश्य समाज में भयमुक्त वातावरण बनाना और पीड़ितों को न्याय दिलाना है।”
कोतवाल वेदपाल सिंह की यह पहल न सिर्फ पुलिस की मानवीय छवि को मजबूत करती है, बल्कि समाज में विश्वास और उम्मीद की एक नई किरण भी जगाती है।
Budaun Amarprabhat