संवाददाता गोविन्द देवल
बदायूं।
क्षत्रिय महासभा बदायूं एवं महाराणा प्रताप विकास ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए 13 जनवरी 2026 को जारी किए गए यूजीसी रेगुलेशन के आपत्तिजनक प्रावधानों के विरोध में महाराणा प्रताप चौक पर विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने यूजीसी रेगुलेशन के खिलाफ नारेबाजी की।
इस दौरान पांच सूत्रीय मांगपत्र जिलाधिकारी बदायूं के माध्यम से देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृह मंत्री एवं शिक्षा मंत्री को प्रेषित किया गया। मांगपत्र में यूजीसी रेगुलेशन की समीक्षा करने, सामान्य वर्ग के स्थान पर सवर्ण शब्द का प्रयोग करने, ईडब्ल्यूएस वर्ग को अनुसूचित जाति की तरह आरक्षण का लाभ देते हुए पंचायतों, स्थानीय निकायों एवं सहकारी संस्थाओं में पद आरक्षित करने की मांग की गई।
इसके अलावा अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग के सांसदों, राज्य विधान मंडल सदस्यों तथा प्रथम व द्वितीय श्रेणी के कार्मिकों के परिजनों को आरक्षण की परिधि से बाहर किए जाने और क्षत्रिय समाज के आर्थिक, सामाजिक एवं शैक्षिक अध्ययन के लिए अलग से आयोग गठित करने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई गई।
प्रदर्शन में महाराणा प्रताप विकास ट्रस्ट के अध्यक्ष हरि प्रताप सिंह राठौड़ एडवोकेट, क्षत्रिय महासभा उत्तर प्रदेश के प्रदेश कोषाध्यक्ष डॉ. सुशील कुमार सिंह, मंडल उपाध्यक्ष रवि प्रताप सिंह, मंडल संगठन मंत्री विजय पाल सिंह भदौरिया, जिला अध्यक्ष क्षत्रिय महासभा राकेश सिंह, जिला अध्यक्ष महाराणा प्रताप विकास ट्रस्ट विपिन कुमार सिंह एडवोकेट, जिला बार एसोसिएशन बदायूं के अध्यक्ष देवपाल सिंह एडवोकेट, पूर्व महासचिव अरविंद सिंह परमार एडवोकेट सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी व समाज के लोग मौजूद रहे।
Budaun Amarprabhat