बिसौली।
स्मार्ट मीटर और बिजली से जुड़ी समस्याओं को लेकर मंगलवार को बिसौली के व्यापारियों का गुस्सा फूट पड़ा। उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश के नगर अध्यक्ष कृष्ण अवतार शर्मा एवं विधानसभा प्रभारी धर्मेंद्र वार्ष्णेय के नेतृत्व में व्यापारियों ने विद्युत वितरण खंड कार्यालय पर पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन अधिशासी अभियंता नरेंद्र चौधरी को सौंपा।
यह प्रदर्शन संगठन के प्रदेशीय आह्वान पर किया गया, जिसमें नगर के बड़ी संख्या में व्यापारी शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने बिजली विभाग पर मनमानी और उपभोक्ताओं के उत्पीड़न का आरोप लगाया।
स्मार्ट मीटर से पहले सिक्योरिटी वापस करने की मांग
नगर अध्यक्ष कृष्ण अवतार शर्मा ने कहा कि प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाए जाने से पहले उपभोक्ताओं की जमा सिक्योरिटी राशि वापस की जाए। उन्होंने यह भी मांग की कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद फिक्स चार्ज, मिनिमम चार्ज और इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी समाप्त की जाए और केवल उपभोग की गई यूनिट के आधार पर ही बिल तैयार किया जाए।
मीटर बदलने पर मौके पर मिले सीलिंग सर्टिफिकेट
महामंत्री धर्मेंद्र वार्ष्णेय ने कहा कि मीटर बदलने, चेक मीटर लगाने या मीटर उतारने की स्थिति में सीलिंग सर्टिफिकेट मौके पर ही दिया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में मीटर लैब जांच के नाम पर उपभोक्ताओं को बिजली चोरी जैसे गंभीर आरोपों में फंसाकर एफआईआर और भारी जुर्माने से प्रताड़ित किया जा रहा है।
सोलर उपभोक्ता भी परेशान
व्यापारियों ने यह भी बताया कि सोलर प्लांट और नेट मीटरिंग वाले उपभोक्ताओं को ऊर्जा शुद्धिकरण (सेटलमेंट) के लिए बार-बार विभाग के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। इसके अलावा वर्षों पुराने पीडी कनेक्शनों पर बिना दस्तावेज आरसी जारी करना, अस्थायी विच्छेदन के बाद फाइनल बिल न बनाना और शिकायतों पर रिसीविंग न देना जैसी समस्याएं आम हो गई हैं।
पारदर्शी व्यवस्था की मांग
ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री से मांग की गई कि बिजली विभाग में पारदर्शी व्यवस्था लागू की जाए, उपभोक्ताओं को राहत दी जाए और लापरवाह अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
ये रहे मौजूद
इस दौरान प्रांतीय सदस्य एड. बोबी गुप्ता, सुमित गोयल, केपी मौर्य, गोपाल वार्ष्णेय, नरेंद्र दिवाकर, युवा अध्यक्ष हर्ष प्रिय रस्तोगी, मनोज मौर्य, नत्थू लाल मिश्रा सहित बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे।
Budaun Amarprabhat