“ऑपरेशन कन्विक्शन” के तहत त्वरित अभियोजन, पैरोकार व विवेचक की सराहनीय भूमिका
बदायूं। थाना जरीफनगर में पंजीकृत मामले मु.अ.सं. 236/23 (धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट, 420/467/468/471/414 भादवि व 3/25(1-बी) आर्म्स एक्ट) में अभियुक्त जयवीर पुत्र दंगल सिंह निवासी बस्तोई सीकरी दोषसिद्ध पाया गया।
विवेचना अधिकारी उपनिरीक्षक अर्जुन सिंह ने मामले की पूरी जांच कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया। यह अभियोग पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के अभियान “ऑपरेशन कन्विक्शन” के तहत चिन्हित किया गया था। अभियोजन विभाग के साथ समन्वय कर मॉनीटरिंग सेल बदायूं और पैरोकार कांस्टेबल विनोद के मार्गदर्शन में दोषी की सशक्त पैरवी की गई।
13 फरवरी 2026 को माननीय न्यायालय एडीजे-09/एनडीपीएस कोर्ट, बदायूं ने अभियुक्त जयवीर को निम्नलिखित सजा और अर्थदण्ड दिया—
धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट: जेल में बिताई गई अवधि + ₹1,000; न अदा करने पर 1 माह अतिरिक्त कारावास
धारा 414, 420, 467, 468, 471 भादवि: जेल में बिताई गई अवधि + ₹500 प्रत्येक; न अदा करने पर 15 दिन अतिरिक्त कारावास प्रत्येक
धारा 3/25(1-बी) आर्म्स एक्ट: जेल में बिताई गई अवधि + ₹500; न अदा करने पर 15 दिन अतिरिक्त कारावास
पैरोकार कांस्टेबल विनोद, लोक अभियोजक अतुल कुमार सिंह और विवेचक उपनिरीक्षक अर्जुन सिंह की सक्रिय भूमिका को विशेष रूप से सराहा गया। अदालत ने दोषसिद्ध अभियुक्त के विरुद्ध सभी धाराओं में न्यायसंगत कार्रवाई सुनिश्चित की।
यह मामला जिले में मादक पदार्थ, धोखाधड़ी और हथियार संबंधी अपराधों के खिलाफ “ऑपरेशन कन्विक्शन” के प्रभावी क्रियान्वयन का उदाहरण माना जा रहा है।
Budaun Amarprabhat