बदायूं। उत्तर प्रदेश पुलिस के ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ अभियान के तहत बदायूं पुलिस की प्रभावी पैरवी के चलते नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आरोपी को अदालत ने कठोर सजा सुनाई है। माननीय पॉक्सो कोर्ट-03, बदायूं ने आरोपी को 10 वर्ष के कठोर कारावास के साथ 25 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
यह मामला थाना उझानी में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 242/2019 से संबंधित है, जिसमें धारा 363, 366, 376 भादवि व 3/4 पॉक्सो एक्ट के तहत आरोपी शिवम पुत्र सतेंद्र निवासी मिहिलाल नगला, थाना उझानी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की विवेचना तत्कालीन उपनिरीक्षक संजय कुमार द्वारा पूरी कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था।
पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के निर्देश पर चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत इस मुकदमे को चिन्हित कर अभियोजन विभाग से समन्वय स्थापित किया गया। मॉनिटरिंग सेल जनपद बदायूं और थाना उझानी के पैरोकार कांस्टेबल पिंटू शर्मा ने माननीय पॉक्सो कोर्ट-03 में प्रभावी पैरवी की, जिसके परिणामस्वरूप न्यायालय ने 16 मार्च 2026 को आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
न्यायालय ने आरोपी को धारा 363 भादवि में सात वर्ष के कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड, धारा 366 भादवि में दस वर्ष के कारावास व पांच हजार रुपये अर्थदंड तथा धारा 3/4 पॉक्सो एक्ट सहपठित धारा 376 भादवि में दस वर्ष के कठोर कारावास और 15 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। न्यायालय के आदेश के अनुसार सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
मामले में प्रभावी पैरवी करने वाले पैरोकार कांस्टेबल पिंटू शर्मा, लोक अभियोजक प्रदीप भारती तथा तत्कालीन विवेचक उपनिरीक्षक संजय कुमार की भूमिका को सराहनीय बताया गया है।
Budaun Amarprabhat