देश में क्रिप्टो ठगी में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई
FIU समेत अन्य एजेंसियों की आंख में धूल झोंक कर करोड़ों की ठगी
सैकड़ो गुमनाम क्रिप्टोकरंसी वर कॉइन को लिस्ट कर ठगी करने का आरोप
क्रिप्टो ठगी का महास्कैंडल मुंबई पुलिस की सबसे बड़ी कार्रवाई
FIU की आंखों में धूल: CoinDCX बॉस अरेस्ट
आशीष कुमार सिंह
दिल्ली ब्यूरो अमर प्रभात
दिल्ली/बेंगलुरु। देश में क्रिप्टोकरेंसी के नाम पर चल रहे बड़े फर्जीवाड़े पर अब सख्त कार्रवाई शुरू हो गई है। भारत की प्रमुख क्रिप्टो एक्सचेंज CoinDCX के दो मुख्य डायरेक्टर – सुमित गुप्ता (CEO और को-फाउंडर) और नीरज खंडेलवाल (को-फाउंडर) – को बेंगलुरु ऑफिस से गिरफ्तार कर लिया गया है। मुंबई पुलिस ने ठाणे कमिश्नरेट में दर्ज शिकायतों के बाद जांच पूरी करने के बाद बीते शाम इन दोनों को हिरासत में लिया। यह क्रिप्टो जगत में अब तक की सबसे बड़ी पुलिस कार्रवाई मानी जा रही है।आरोप है कि CoinDCX ने FIU-IND (Financial Intelligence Unit), SEBI और RBI की आंखों में धूल झोंकते हुए नियमों की धज्जियां उड़ाईं और निवेशकों से बड़े पैमाने पर ठगी की।
कंपनी खुद को देश का एकमात्र FIU-रजिस्टर्ड क्रिप्टो प्लेटफॉर्म बताती थी, लेकिन जांच में सामने आया कि यहां लिस्ट किए गए ज्यादातर विदेशी क्रिप्टो कॉइन्स और टोकन्स फर्जी या बिना किसी वैध रिकॉर्ड के थे।भारत में क्रिप्टो ट्रेडिंग के सख्त नियम हैं – कोई भी कंपनी को क्रिप्टो एक्सचेंज चलाने का पूरा लाइसेंस नहीं मिलता। हर ट्रांजैक्शन पर 30% टैक्स और 1% TDS कटता है, लेकिन CoinDCX जैसे प्लेटफॉर्म पर हजारों विदेशी कॉइन्स लिस्ट थे जिनका भारत सरकार या RBI के पास कोई रिकॉर्ड नहीं था। जिम्मेदारी पूरी तरह कंपनी की बताई जाती थी।जब ये फर्जी कॉइन्स और टोकन्स ने निवेशकों का पैसा लेकर गायब हो गए (रफू-चक्कर हो गए), तो CoinDCX ने उन्हें डीलिस्ट कर दिया। लेकिन निवेशकों को जब पता चला, तो हंगामा मच गया। कंपनी के पास जवाब देने के लिए कुछ नहीं था। सैकड़ों ऐसे कॉइन्स प्लेटफॉर्म पर लिस्ट थे, जिनके मालिक कौन थे, किसने लिस्ट करवाया – इसकी कोई जानकारी नहीं थी।
निवेशकों का कहना है कि कंपनी के कुछ कर्मचारियों ने जानबूझकर ऐसे फर्जी क्रिप्टो में पैसा लगवाया, जिसका मकसद सिर्फ ठगी करना था। पैसा वापस करने का वादा किया गया, लेकिन कई लोग आज भी अपने पैसे का इंतजार कर रहे हैं।पिछले कुछ सालों में CoinDCX के नाम पर कई ठगी के मामले आए थे, लेकिन वे ज्यादातर फेक एजेंट्स या बाहर के लोगों के थे। इस बार आरोप सीधे कंपनी और उसके टॉप डायरेक्टर्स पर हैं। मुंबई, बेंगलुरु के अलावा दिल्ली और अन्य राज्यों में भी दर्जनों FIR दर्ज होने की सूचना है।
हाल ही में कंपनी पर बड़े हैक का आरोप लगा था, जहां करोड़ों का पैसा गायब हुआ। कंपनी ने वापस देने का वादा किया, लेकिन कई निवेशक अब भी परेशान हैं।देश भर में क्रिप्टो और कॉइन्स के नाम पर फर्जीवाड़ा जमकर चल रहा है। फेक ऐप्स, टेलीग्राम ग्रुप्स और अनरजिस्टर्ड प्लेटफॉर्म्स से लोग रोज ठगे जा रहे हैं। “डबल रिटर्न” का लालच देकर पैसा मांगते हैं, फिर गायब हो जाते हैं। FIU और ED ने कई ऑफशोर एक्सचेंज पर नोटिस जारी किए हैं, लेकिन CoinDCX जैसी बड़ी कंपनी पर ऐसे गंभीर आरोप लगना क्रिप्टो इंडस्ट्री के लिए बड़ा झटका है।
यह गिरफ्तारी कई सवाल खड़े कर रही है – क्या क्रिप्टो को वाकई सुरक्षित माना जा सकता है? निवेशक अब कहां भरोसा करें? पुलिस की जांच जारी है और जल्द ही और खुलासे होने की उम्मीद है। निवेशकों को सलाह है कि सिर्फ FIU-रजिस्टर्ड प्लेटफॉर्म इस्तेमाल करें, फर्जी “हाई रिटर्न” स्कीम्स से दूर रहें और हमेशा KYC/टैक्स नियम फॉलो करें।
Budaun Amarprabhat