बदायूं। विद्युत विभाग में कार्य करने वाले कुछ ठेकेदारों ने विकास एवं रखरखाव कार्यों के भुगतान में देरी को लेकर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने और बिल सेंट्रल पेमेंट सेल (सीपीसी) तक पहुंचने के बावजूद भुगतान लंबित है, जिससे उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ठेकेदारों का कहना है कि विभाग द्वारा आवंटित कार्य समय पर पूरे किए जा चुके हैं। मेजरमेंट बुक (एमबी) की प्रविष्टि और संबंधित अधिकारियों से सत्यापन के बाद बिल सीपीसी को भेज दिए गए, लेकिन अब तक भुगतान नहीं हो सका है। उनका कहना है कि भुगतान में हो रही देरी से कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
ठेकेदारों का यह भी कहना है कि समय पर भुगतान न मिलने के कारण उन्हें बैंक ऋण की किस्तें और ब्याज चुकाने में कठिनाई हो रही है। साथ ही, सामग्री आपूर्तिकर्ताओं और श्रमिकों का भुगतान करने में भी दिक्कतें आ रही हैं, जिससे आर्थिक दबाव लगातार बढ़ रहा है।
ठेकेदारों ने प्रदेश सरकार, ऊर्जा विभाग और उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन के उच्च अधिकारियों से मामले का संज्ञान लेकर लंबित भुगतान शीघ्र जारी कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आगे की रणनीति तय करेंगे, जिसमें विभागीय कार्यों के बहिष्कार और अन्य वैधानिक कदमों पर भी विचार किया जा सकता है।
नोट: भुगतान में अनियमितता और अन्य आरोप ठेकेदारों की ओर से लगाए गए हैं। इन आरोपों पर संबंधित विभाग की आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी है।
Budaun Amarprabhat