बदायूँ। स्थानीय गिंदो देवी महिला महाविद्यालय में संस्थापिका स्वर्गीय श्रीमती गिंदो देवी जी की 42वीं पुण्यतिथि पूरी श्रद्धा और गरिमा के साथ मनाई गई। प्राचार्या प्रोफेसर इंदु शर्मा के कुशल निर्देशन में आयोजित इस श्रद्धांजलि सभा में शिक्षा के क्षेत्र में उनके अमूल्य योगदान को याद करते हुए उन्हें भावभीनी पुष्पांजलि अर्पित की गई।
स्वर्गीय गिंदो देवी जी ने महिला सशक्तीकरण और बालिका शिक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए जनपद बदायूँ में पहले महिला महाविद्यालय की नींव रखी थी। उनका यह ऐतिहासिक प्रयास उस दौर में ग्रामीण व शहरी क्षेत्र की बालिकाओं को उच्च शिक्षा से जोड़ने और उन्हें मुख्यधारा में लाने की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल साबित हुआ।
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए प्राचार्या प्रोफेसर इंदु शर्मा ने कहा, “स्वर्गीय गिंदो देवी जी का समर्पण और उनकी दूरदर्शी सोच आज भी हमारा मार्गदर्शन करती है। उनके द्वारा स्थापित यह महाविद्यालय निरंतर छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देकर उन्हें स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाने के लिए पूरी निष्ठा से प्रयासरत है।”
महाविद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष श्री विशाल रस्तोगी ने अपने संदेश में बालिका शिक्षा के उत्थान को समाज की पहली प्राथमिकता बताया। वहीं, सचिव श्री गौरव रस्तोगी ने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षित नारी ही एक सशक्त और प्रगतिशील समाज की आधारशिला होती है।
कार्यक्रम का कुशल संचालन डॉ. इति अधिकारी ने किया। उन्होंने संस्थापिका के जीवन संघर्ष और महिला शिक्षा के विस्तार में उनके अद्वितीय योगदान पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि यह संस्थान उनके सपनों को धरातल पर साकार कर रहा है।
इस अवसर पर महाविद्यालय की समस्त शिक्षिकाओं और कर्मचारियों ने स्वर्गीय गिंदो देवी जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया तथा उनके आदर्शों और संकल्पों को सदैव आगे बढ़ाने का सामूहिक संकल्प लिया।
Budaun Amarprabhat