सहसवान। सहसवान नगर पालिका क्षेत्र में कार्यरत ठेका सफाई कर्मचारियों की समस्याओं और शोषण के खिलाफ वाल्मीकि समाज तथा राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारियों ने कड़ा रुख अपनाया है। कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर उपजिलाधिकारी (एसडीएम) को एक ज्ञापन सौंपा और तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की है। चेतावनी दी गई है कि यदि जल्द समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो वाल्मीकि समाज उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
एसडीएम को सौंपे गए ज्ञापन में नगरपालिका में कार्यरत समस्त ठेका सफाई कर्मचारियों की लंबे समय से उपेक्षित पड़ी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया है। आरोप है कि ठेकेदार द्वारा कर्मचारियों को एक से चार महीने तक का वेतन समय पर नहीं दिया जा रहा है। जब वेतन दिया भी जाता है, तो उसमें मनमाने ढंग से कटौती की जाती है। कर्मचारियों के वेतन से प्रतिमाह ईपीएफ और ईएसआई की कटौती तो नियमित रूप से की जा रही है, लेकिन वह पैसा उनके खातों में जमा नहीं किया जा रहा है, जिससे बड़ा वित्तीय फर्जीवाड़ा सामने आ रहा है। कार्य के दौरान सुरक्षा के लिए मिलने वाले दस्ताने, जूते, मास्क और यूनिफॉर्म जैसी बुनियादी सुविधाएं तक सफाई कर्मचारियों को मुहैया नहीं कराई जा रही हैं। कर्मचारियों पर उनकी क्षमता से अधिक काम का बोझ डाला जा रहा है और जरूरत पड़ने पर उन्हें समय पर अवकाश भी नहीं दिया जाता है।
ज्ञापन सौंपने वाले पदाधिकारियों और समाज के लोगों ने स्पष्ट किया कि अन्नदाताओं और शहर को साफ-सुथरा रखने वाले इन सफाई कर्मचारियों का इस तरह का शोषण कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि प्रशासन ने ठेकेदार की इन मनमानियों पर लगाम नहीं लगाई और जल्द न्यायसंगत कार्रवाई नहीं की, तो वाल्मीकि समाज और सफाई कर्मचारी सड़क पर उतरकर जोरदार आंदोलन करेंगे। ज्ञापन सौंपने के दौरान राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी महासंघ के तमाम पदाधिकारी और वाल्मीकि समाज के गणमान्य लोग बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
Budaun Amarprabhat