बदायूं। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), बदायूं में माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों के तीन दिवसीय ‘कवच’ प्रशिक्षण के दूसरे बैच का समापन हुआ। प्रशिक्षण में शिक्षकों को विद्यार्थियों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के साथ ही विभिन्न आपदाओं और आकस्मिक परिस्थितियों से निपटने के लिए जागरूक किया गया।
नोडल गीता सिंह ने प्रशिक्षण के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ‘कवच’ प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को जीवन में सुरक्षा और संरक्षा के प्रति जागरूक करना है, ताकि वे विद्यार्थियों को भी इसके लिए तैयार कर सकें। प्रशिक्षण प्रभारी अमित कुमार शर्मा ने शिक्षकों से कहा कि वे अभिभावकों को भी सुरक्षा कवच के संबंध में जानकारी देकर समाज में जागरूकता बढ़ाएं।
प्राचार्य राकेश कुमार ने कहा कि विद्यालयों में भूकंप सहित अन्य आपदाओं से निपटने के लिए समय-समय पर मॉक ड्रिल कराई जानी चाहिए। इससे बच्चों में आपदा की स्थिति का सामना करने की क्षमता विकसित होगी। उन्होंने प्रतिभागी शिक्षकों को प्रमाण पत्र वितरित किए।
प्रशिक्षण के दौरान हार्टफुलनेस रिलेक्सेशन एवं ध्यान सत्र भी कराए गए। विशेषज्ञों ने बताया कि तनाव की स्थिति में सावधानी कम होने से दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ सकती है। अग्निशमन विभाग, महिला कल्याण विभाग और साइबर क्राइम सेल के विशेषज्ञों ने भी विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया।
संदर्भदाताओं ने सड़क सुरक्षा, प्राथमिक चिकित्सा, साइबर अपराध, बाल श्रम, आपदा प्रबंधन तथा विद्यालय में स्वस्थ एवं सुरक्षित वातावरण जैसे विषयों पर चर्चा की। इस अवसर पर अनुज सक्सेना, मनीष कुमार, लाखन सिंह, अम्बिका, देवेंद्र पाल, विजय कौशिक, विवेक शुक्ला आदि मौजूद रहे।
Budaun Amarprabhat