बदायूं। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ अभियान के तहत बदायूं पुलिस व अभियोजन पक्ष की सशक्त व प्रभावी पैरवी से न्यायालय ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में एक अभियुक्त को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषी पर कुल 1,12,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
प्रकरण थाना कोतवाली क्षेत्र से जुड़ा है, जहाँ वर्ष 2023 में मु0अ0सं0 216/23 के तहत शाबान पुत्र चांदमियां और शबाना पत्नी चांदमियां (निवासीगण मोहल्ला चौधरी, कस्बा सहसवान) के विरुद्ध अपहरण, दुष्कर्म, पॉक्सो, एससी/एसटी एक्ट तथा उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था। मामले की निष्पक्ष विवेचना तत्कालीन क्षेत्राधिकारी नगर आलोक मिश्र द्वारा पूरी कर आरोप पत्र विशेष न्यायालय पॉक्सो-02, बदायूं में प्रेषित किया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन व मॉनीटरिंग सेल के समन्वय से लोक अभियोजक वीरेन्द्र सिंह वर्मा तथा पैरोकार कांस्टेबल प्रमोद कुमार ने अदालत में ठोस साक्ष्य प्रस्तुत किए। शनिवार को माननीय न्यायालय ने फैसला सुनाते हुए साक्ष्यों के अभाव में सह-अभियुक्त शबाना को दोषमुक्त कर दिया, जबकि मुख्य अभियुक्त शाबान को एससी/एसटी व धर्म परिवर्तन की धाराओं से बरी करते हुए दुष्कर्म व पॉक्सो समेत अन्य धाराओं में दोषी ठहराया।
न्यायालय ने दोषी शाबान को धारा 376(3) भादवि और धारा 3/4 पॉक्सो एक्ट के तहत 20-20 वर्ष के कठोर कारावास तथा 50-50 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। इसके अलावा धारा 363 भादवि में 7 वर्ष, धारा 342 में 1 वर्ष और धारा 323 में 1 वर्ष की सजा व अर्थदंड मुकर्रर किया गया। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। पुलिस और अभियोजन की इस संयुक्त पैरवी की जनपद में व्यापक सराहना हो रही है।
Budaun Amarprabhat