टूटे सड़क मार्ग स्टेशन रोड का पुरसाहाल नहीं
* घंटाघर चौराहे से रामलीला मैदान के गेट तक सडक की दुर्दशा से बेखबर हैं जिम्मेदार
उझानी | नगर के घंटाघर चौराहे से रामलीला मैदान के गेट तक का रोड अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा सडक के बड़े-बड़े गढ्ढों मे गिर कर राहगीर चुटैल हो रहे हैं। जिम्मेदार अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़ रहे हैं। बर्षा के दिनों मे जल-भराव से हालत और भी खराब हो जाते हैं। इस रोड़ से गुजरने वाले राहगीर कपडे़ खराब हुए बिना घर नहीं पहुंच सकते हैं। इस रोड़ पर अस्पताल, कोतवाली, नगर पालिका परिषद, इंटर कॉलेज के अलावा कई वीआईपी के साथ चेयरपर्सन का निवास भी है जिनका आना-जाना इसी रोड़ से रहता है फिर भी न जाने क्यों स्टेशन रोड़ की अपेक्षा जिम्मेदारों द्बारा बर्षों से की जा रही है।
स्टेशन रोड़ पर आने-जाने वाले यात्री,अस्पताल मे पहुंचने वाले मरीज और उनके तीमारदार, कोतवाली व नगर पालिका मे पहुंचने वाले फरियादियों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ई-रिक्शा, दुपहिए वाहन, फोर व्हीलर, साइकिल आदि वाहन सड़क के गढ्ढों मे फंस खराब हो रहे हैं।
स्टेशन रोड़ को गढ्डा मुक्त कराने के लिए जागरुक नागरिकों, पढने वाले छात्र-छात्राओं द्बारा समय-समय पर नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी से मांग की जा रही है। इसके बाबजूद भी पालिका के अधिकारी न जाने क्यों स्टेशन रोड़ को गढ्ढा मुक्त कराने के प्रति गंभीर नहीं हुए हैं ऐसा महसूस होता है कि लोगों की शिकायतों को नजर अंदाज कर उन्हें ठंडे बस्ते मे डाल दिया जाता है।
Budaun Amarprabhat