तहसीलदार ने सूचना के अधिकार के तहत दी गलत सूचना

लखनऊ। राज्य सूचना आयुक्त स्वतंत्र प्रकाश गुप्त लगातार सूचना के अधिकार अधिनियम की प्रासंगिकता कायम रखने हेतु अधिकारियों को कड़ा निर्देश, नोटिस जारी कर रहे हैं।
इसी क्रम में उन्होंने जनपद फर्रूखाबाद की तहसील फर्रूखाबाद के तहसीलदार को जानबूझकर गलत सूचना देने को गंभीरता से लिया है और उन्हें नोटिस जारी कर व्यक्तिगत रूप से आयोग के समक्ष उपस्थित होने के निदेश दिए हैं। साथ ही स्थिति स्पष्ट करने के लिए नोटिस भी जारी किया है।
शिकायतकर्ता विजय कुमार की ओर से प्राधिकृत प्रतिनिधि कुश कटियार ने आयोग को बताया कि तहसीलदार ने उन्हें जानबूझकर असत्य सूचना दी गयी। उन्होंने प्रश्नगत भूमि को राज्य सरकार ने निहित करने का विषय उठाया था जिसमें तहसीलदार ने अपने रिकार्ड में यह गलत उल्लेख किया कि शिकायतकर्ता सक्षम न्यायालय में वाद दायर कर अनुतोष प्राप्त करे। वहीं राज्य सरकार के हितों को तहसीलदार तत्परता पूर्वक कस्टूडियन बनाकर संरक्षित करने का दायित्व तहसीलदार के क्षेत्राधिकार में आता है। वहीं शिकायतकर्ता ने शिकायत की थी कि प्रश्नगत सम्पत्ति राज्य सरकार में निहित है, इस पर तत्परता से कार्य न करते हुए शिकायतकर्ता को यह सुझाव दिया जाना कि वह न्यायालय में वाद दायर करे, यह कार्य के प्रति गंभीरता में शिथिलता को प्रदर्शित करता है।
शिकायतकर्ता के तर्क को आधार बनाते हुए राज्य सूचना आयुक्त स्वतंत्र प्रकाश गुप्त ने इस मामले में तहसीलदार सदर फर्रूखाबाद को आयोग के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना पक्ष प्रस्तुत करने और शिकायतकर्ता को दी गई सूचना के बारे में स्थिति स्पष्ट करने की चेतावनी दी गई है अन्यथा की दृष्टि में सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 की धारा-20 के तहत दण्डात्मक कार्यवाही अमल में लाने हेतु नोटिस जारी किया गया है।
Budaun Amarprabhat