सहसवान। सहसवान बार एसोसिएशन की एक आपात बैठक शनिवार को बार अध्यक्ष नेमसिंह यादव की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में वरिष्ठ अधिवक्ता जावेद इकबाल नकवी ने चार सितंबर को न्यायालय प्रांगण में वादकारी मुहम्मद मियां की हत्या की घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए प्रस्ताव रखा।
बैठक में अधिवक्ताओं ने कहा कि यदि घटना के समय पुलिस प्रशासन सक्रिय रहता तो वादकारी की जान बचाई जा सकती थी। अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस की निष्क्रियता के चलते ही न्यायालय परिसर में ऐसी गंभीर घटना घटी।
घटना के बाद घायल मुहम्मद मियां को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सहसवान ले जाया गया, जहां मौजूद चिकित्सक ने न तो प्राथमिक उपचार किया और न ही दवा-पट्टी की। परिजन लगातार इलाज की गुहार लगाते रहे लेकिन लापरवाही बरती गई। काफी समय बाद घायल को जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
बार एसोसिएशन ने पुलिस प्रशासन और स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात डॉक्टर की लापरवाही और गैर जिम्मेदाराना रवैये की घोर निंदा की। अधिवक्ताओं ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर कहा कि न्यायालय प्रांगण में वादकारियों और अधिवक्ताओं की सुरक्षा के ठोस इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
संवाददाता डाo राशिद अली खान सहसवान बदायूं।
Budaun Amarprabhat