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वीरांगनाओं की गाथाओं से सजी सरस्वती शिशु मंदिर की बेटियाँ, मनाया सप्त शक्ति संगम

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संवाद दाता….

वीरांगनाओं की गाथाओं से सजी सरस्वती शिशु मंदिर की बेटियाँ, मनाया सप्त शक्ति संगम

शाहजहांपुर :
मोहल्ला सिंजई स्थित सेठ नवल किशोर भगतराम सरस्वती शिशु/विद्या मंदिर, सिंजई में विद्या भारती ब्रज प्रांत के तत्वावधान में सप्त शक्ति संगम का भव्य आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां शारदे के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्प अर्पण से हुआ। इस पावन अवसर पर डॉ. श्वेता मिश्रा, डॉ. दीपा दीक्षित, डॉ. सोनिया राठौर तथा निर्मला देवी जी ने दीप प्रज्ज्वलन कर ज्ञान का प्रकाश फैलाया।कार्यक्रम में विद्यालय के व्यवस्थापक श्री सत्य प्रकाश मिश्र, प्रधानाचार्य दयाशंकर शर्मा तथा समन्वयक श्री राम प्रकाश शुक्ला विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

संगम की भूमिका वैशाली मौर्या जी ने रखी — जिसमें उन्होंने भावपूर्ण शब्दों में नारीशक्ति के विविध रूपों को गागर में सागर भरने जैसा प्रस्तुत किया।

विद्यालय की बालिकाओं ने देश की वीरांगनाओं के रूप में मंच पर आकर उनके अदम्य साहस और योगदान का वर्णन किया तथा उनके जीवन से प्रेरणा लेने का संदेश दिया।शिवा मिश्रा और दिव्यांशी मिश्रा ने धार्मिक प्रसंगों से जुड़े रोचक प्रश्नोत्तर सत्र के माध्यम से कार्यक्रम को और जीवंत बनाया।

डॉ. दीपा दीक्षित ने अपने उद्बोधन में कहा कि “वैदिक काल से लेकर आज तक नारी को ही सृजन की आधारशिला माना गया है।” उन्होंने संदेश दिया कि बेटा-बेटी में भेदभाव न करते हुए सभी को शिक्षा के समान अवसर मिलने चाहिए।

कार्यक्रम के दौरान शहीद सत्यपाल जी की धर्मपत्नी श्रीमती निर्मला देवी जी को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। उन्होंने अमृतसर के स्वर्ण मंदिर की रक्षा करते हुए अपने प्राण राष्ट्र के लिए समर्पित किए थे।

अध्यक्षीय संबोधन में श्रीमती रीतू बाजपेयी ने नारी के कर्तव्यों, दायित्वों और समाज निर्माण में उनकी भूमिका पर प्रकाश डालते हुए सभी उपस्थित मातृशक्ति को “संस्कार और सेवा की शपथ” दिलाई।कार्यक्रम का संचालन संयमित और प्रभावशाली ढंग से श्रीमती रीतू बाजपेयी जी ने किया तथा अंत में प्रधानाचार्य दयाशंकर शर्मा जी ने सभी अतिथियों एवं मातृशक्ति का हार्दिक आभार प्रकट किया।


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