भगवान महावीर स्वामी का संदेश जियो और जीने दो
बिल्सी:-कछला-शाहवाद हाईवे के निकट बिल्सी के पदमांचल जैन मंदिर में जैन धर्म के 24वे व अंतिम तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी का मोक्ष कल्याणक जैन समाज के लोग ने श्रद्गाभाव व उत्साह पूर्वक मनाया गया यहां सर्वप्रथम भगवान जिनेन्द्र का मंगल जलाभिषेक कर भक्तों ने निर्वाण लड्डू समर्पित किया व 24 तीर्थंकरो के अर्घ्य चढ़ाकर भगवान महावीर स्वामी का मोक्ष कल्याणक बड़े धूमधाम से मनाया गया श्री दिगम्बर जैन महासमिति के मंडलाध्यक्ष ट्री मैन प्रशांत जैन ने जानकारी देते हुए बताया की भगवान महावीर स्वामी का संदेश जियो और जीने दो का रहा है इसलिए प्रत्येक मनुष्य को अपने अंदर दया व करूणा भाव रखना होगा व तीर्थंकर महावीर के आदर्शों पर चलना होगा तभी जैन कुल में जन्म सार्थक होगा। उन्होंने कहा कि तीर्थंकर महावीर का केवलीकाल ३० वर्ष का था। उनके संघ में १४००० साधु, ३६००० साध्वी, १००००० श्रावक और ३००००० श्रविकाएँ थी। भगवान महावीर ने ईसापूर्व 527, 72 वर्ष की आयु में बिहार के पावापुरी (राजगीर) में कार्तिक कृष्ण अमावस्या को निर्वाण (मोक्ष) प्राप्त किया। उनके साथ अन्य कोई मुनि मोक्ष को प्राप्त नहीं हुए | पावापुरी में एक जल मंदिर स्थित है जिसके बारे में कहा जाता है कि यही वह स्थान है जहाँ से महावीर स्वामी को मोक्ष की प्राप्ति हुई थी। इस मौके पर ज्योति जैन,शालिनी जैन,मोना जैन,स्वीटी जैन,बबिता जैन,राखी जैन,मान्या जैन,मानसी जैन,अभिषेक जैन,काशवी जैन,प्रिंस जैन, प्रियांश जैन, मौजूद रहे । इधर मोहल्ला 2 जैन मंदिर में भी समस्त सकल दिगंबर जैन समाज द्वारा भगवान महावीर स्वामी का मोक्ष कल्याणक हर्षोल्लास के साथ मनाया एवं विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान ममता जैन,रेखा जैन के सानिध्य में सम्पन्न कराये गए
Budaun Amarprabhat