*गाय के शरीर में दिव्य गुणों का वास रहता है : आचार्यसंजीव रूप*
बिल्सी, तहसील क्षेत्र के यज्ञ तीर्थ गुधनी में स्थित आर्य समाज मंदिर में गोपाष्टमी एवं महर्षि दयानंद निर्वाण दिवस मनाया गया ! इस अवसर परअंतर्राष्ट्रीय वैदिक विद्वान आचार्य संजीव रूप ने कहा महर्षि दयानंद सरस्वती नेगौ माता का सदा सम्मान किया था ! देश में गौ वंश के कटने पर उन्होंने गऊ बध बंद करने के लिए महारानी विक्टोरिया को एक लाख लोगों के हस्ताक्षर करके पत्र दिया । महाराजा जयपुर महाराजा उदयपुर तथा महाराजा जोधपुर ने उनके आग्रह पर अपने राज्य में गौ बध पर प्रतिबंध लगाया था । गाय के शरीर में समस्त दिव्य गुणों का वास होता है अतः प्रत्येक घर में यथासम्भव गाय पाली जानी चाहिए ! गौ घृत रसायन है गौ दुग्ध अमृत है ! महर्षि दयानंद सरस्वती ने समाज में फैली बुराइयाँ तथा कुरीतियाँ दूर करने के लिए समग्र आन्दोलन आर्य समाज के रूप में चलाया । डॉ सत्यम आर्य ने भजन गाए – मै भोली गैया हूँ । हाँ जग की मैया हूँ ।
इस अवसर पर सुखवीर सिंह , संतोष कुमारी, सरोज देवी , तृप्ति शास्त्री , अगरपाल सिंह तथा आर्य संस्कारशाला के बच्चे मौजूद रहे
Budaun Amarprabhat