बदायूँ। भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी की बदायूँ इकाई ने सोमवार को अपनी मासिक पंचायत मालवीय आवास गृह परिसर में आयोजित की। सभा की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष सतीश साहू ने की। पंचायत में किसानों एवं आमजन से जुड़ी कई विकराल समस्याओं पर चर्चा हुई और इन्हीं मुद्दों को लेकर नायब तहसीलदार के माध्यम से जिलाधिकारी को पाँच सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया।
पंचायत में सबसे प्रमुख मुद्दा रहा—स्मार्ट मीटरों से बढ़ा किसानों का आर्थिक बोझ।
किसानों ने कहा कि कम आय वाले किसान, मजदूर और गरीब परिवार बढ़ते बिजली बिलों से त्रस्त हैं। विरोध के बावजूद ग्रामीणों के घरों में डराकर-धमकाकर स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं, जबकि किसी सरकारी दफ्तर, विधायक, एमएलसी या बड़े नेताओं के घरों में ये मीटर नहीं लगाए गए। जिला महासचिव वीसूदास ने मांग उठाई कि “सभी के यहाँ एक समान नियम से स्मार्ट मीटर लगाए जाएं, न कि सिर्फ गरीबों और किसानों पर बोझ थोपा जाए।”
पंचायत में इंडेन गैस डिलीवरी की अनियमितताओं का मुद्दा भी जोरदार तरीके से उठाया गया। किसानों ने बताया कि उझानी इंडेन गैस एजेंसी से जुड़े बदायूँ क्षेत्र में होम डिलीवरी के दौरान सिलेंडर में 1 से 3 किलोग्राम तक गैस कम मिल रही है, शिकायत के बाद भी कोई सुनवाई नहीं होती।
इसके अलावा जनपद में जगह-जगह हाई-टेंशन लाइनें गाँवों की आबादी के ऊपर से बहुत नीचे होकर गुजर रही हैं, जिससे कई दुर्घटनाएँ हो चुकी हैं। किसानों ने आरोप लगाया कि प्रशासन “किसी अप्रिय हादसे का इंतजार कर रहा है।” उन्होंने मांग की कि इन लाइनों को तुरंत ऊँचा किया जाए या दुरुस्त कराया जाए।
खाद संकट और जबरन बिक्री को लेकर भी किसान भड़के।
सहसवान तहसील अध्यक्ष विमलेश कुमार ने बताया कि यूरिया व डीएपी खरीदते समय सरकारी और प्राइवेट विक्रेता किसानों को जबरन नैनो यूरिया या अन्य उत्पाद खरीदने को मजबूर करते हैं, नहीं तो खाद नहीं दी जाती। इसके अलावा निजी दुकानदारों द्वारा ओवररेटिंग भी की जा रही है। किसानों ने मांग की कि इस पर तत्काल रोक लगाई जाए।
जनपद भर में नाबालिगों द्वारा ऑटो और ई-रिक्शा चलाने की समस्या भी पंचायत में उठी। किसानों ने कहा कि इन बच्चों को ट्रैफिक नियमों की जानकारी नहीं होती, जिससे दुर्घटनाएँ बढ़ रही हैं। उन्होंने मांग की कि “बिना ड्राइविंग लाइसेंस किसी भी नाबालिग को ई-रिक्शा या ऑटो चलाने की अनुमति न दी जाए और तत्काल अभियान चलाकर इसे रोका जाए।”
पंचायत में सुशील कुमार यादव, यादवेंद्र पाल सिंह, शैलेश कुमार, कृष्ण अवतार शाक्य, अजय सैनी, डॉ. महेंद्र पाल, ताहिर अब्बासी, नदीम, प्रवेंद्र कुमार, रजनेश उपाध्याय, भूपेंद्र पाठक, नूरुद्दीन, रईस अहमद, राम सिंह, देवकिशोर, वीसूदास सहित अनेक किसान उपस्थित रहे।
किसानों ने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का समाधान जल्द नहीं हुआ, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
Budaun Amarprabhat