
संवाददाता : गोविंद देवल
बिल्सी। तहसील क्षेत्र के गांव गोदी नगला में बृहस्पतिवार को तीन दिवसीय बौद्ध कथा कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के प्रथम दिन कथावाचक रीना शाक्य (फर्रुखाबाद) ने अपने प्रवचनों के माध्यम से बौद्ध विचारधारा पर प्रकाश डाला।
कथा का उद्घाटन भाजपा नेत्री ममता शाक्य ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर उन्होंने माता सावित्रीबाई फुले के जीवन पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका जीवन संघर्ष, साहस और करुणा का प्रतीक है। उन्होंने शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे सशक्त माध्यम बताया। कहा कि अपमान, तिरस्कार और अनेक कठिनाइयों के बावजूद सावित्रीबाई फुले अपने लक्ष्य से कभी नहीं डिगीं। उनका स्पष्ट संदेश था कि शिक्षा ही वह शस्त्र है, जिससे शोषण और अंधविश्वास का अंत किया जा सकता है।
कार्यक्रम में मौर्य-शाक्य समाज के जिला अध्यक्ष रामेश्वर शाक्य ने कहा कि भगवान गौतम बुद्ध ने जाति, वर्ग और भेदभाव से ऊपर उठकर मानव को मानव के रूप में देखने की सीख दी। उन्होंने बुद्ध के अष्टांगिक मार्ग—सम्यक दृष्टि, संकल्प, वाणी, कर्म, आजीविका, प्रयास, स्मृति और समाधि—को आज भी जीवन को नैतिक और शांत बनाने का आधार बताया।
बौद्ध कथा में डॉ. मुकेश चंद्र मौर्य, हीरालाल बौद्ध, ठा. गजेंद्र पाल सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का आयोजन श्रद्धा और अनुशासन के साथ किया गया।
Budaun Amarprabhat