पीलीभीत।
उत्तर प्रदेश में मनाए जा रहे सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत माननीय मुख्यमंत्री जी के निर्देशों के क्रम में जनपद पीलीभीत में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण हेतु प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। इसी क्रम में हाल ही में आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर उन्हें चिन्हित करने के निर्देश दिए गए थे, ताकि संबंधित विभागों द्वारा आवश्यक कार्रवाई कर दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
निर्देशों के अनुपालन में पुलिस उपाधीक्षक यातायात विधि भूषण मौर्य, एआरटीओ वीरेंद्र सिंह एवं थानाध्यक्ष जहानाबाद द्वारा पीलीभीत–सितारगंज मार्ग का संयुक्त स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान दुर्घटना आंकड़ों के विश्लेषण से निसरा मोड़, बहेड़ी मोड़ एवं बिसेन मोड़ को अत्यधिक दुर्घटना संभावित क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया गया। इन स्थानों पर दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु कार्यदायी संस्था एनएचएआई के साइट इंजीनियर को ब्लिंकर लाइट लगाने, लिंक मार्गों पर स्पीड ब्रेकर स्थापित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही ओवर स्पीडिंग पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस बैरियर लगाकर चालान कार्रवाई बढ़ाने का निर्णय लिया गया।
इसी क्रम में पीलीभीत–बीसलपुर मार्ग का थानाध्यक्ष बरखेड़ा के साथ निरीक्षण किया गया, जहां ज्योरहा कल्यानपुर एवं पतरसिया को दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया गया। इन दोनों स्थानों पर पुलिस बैरियर लगाकर सघन चेकिंग अभियान चलाने का निर्णय लिया गया।
वहीं पीलीभीत–पूरनपुर मार्ग पर बिठौरा कलां एवं मेडिकल कॉलेज क्षेत्र में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए अस्थाई डिवाइडर लगाने तथा पुलिस बैरियर स्थापित कर ओवर स्पीडिंग एवं यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। साथ ही कार्यदायी संस्था एनएचपीडब्ल्यूडी को इन स्थलों पर ब्लिंकर लाइट एवं स्पीड लिमिट चेतावनी बोर्ड लगाने के निर्देश भी जारी किए गए।
स्थलीय निरीक्षण के दौरान यातायात नियमों के उल्लंघन पर भी सख्त कार्रवाई की गई। एक टेंपो वाहन क्षमता से अधिक सवारियां ढोते हुए तथा एक अन्य वाहन फिटनेस समाप्त और बिना कर जमा किए संचालित पाया गया, जिनके विरुद्ध सीज की कार्रवाई की गई। इसके अतिरिक्त दो अन्य वाहनों पर यातायात नियमों के उल्लंघन में चालान की कार्रवाई भी की गई।
निरीक्षण के दौरान पुलिस उपाधीक्षक यातायात एवं एआरटीओ द्वारा तीनों मार्गों के प्रमुख चौराहों पर व्यावसायिक वाहन चालकों को एकत्र कर उन्हें सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। अधिकारियों ने कहा कि वाहनों में सवार यात्रियों की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी चालकों की होती है। चालक सुरक्षित वाहन चलाएंगे तभी यात्री भी सुरक्षित अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। इस अवसर पर चालकों को सड़क सुरक्षा नियमों के पालन की शपथ भी दिलाई गई।
सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत प्रशासन की यह सक्रियता जनपद में दुर्घटनाओं को नियंत्रित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
Budaun Amarprabhat