बदायूं | संवाददाता गोविंद देवल
भारत को टीबी मुक्त बनाने के प्रधानमंत्री के संकल्प को साकार करने के उद्देश्य से प्रत्येक माह की 15 तारीख को एकीकृत नि:क्षय दिवस मनाया जाता है। इस बार 15 फरवरी को अवकाश होने के कारण 16 फरवरी 2026 को जनपद में एकीकृत नि:क्षय दिवस आयोजित किया जाएगा।
ज़िला क्षय रोग अधिकारी डॉ. विनेश कुमार ने बताया कि इस दिवस का उद्देश्य टीबी मरीजों की शीघ्र पहचान, गुणवत्तापूर्ण इलाज तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना है। इस बार कार्यक्रम में फाइलेरिया, कुष्ठ और कालाजार को भी जोड़ा गया है। इन बीमारियों के संभावित मरीजों की भी स्क्रीनिंग कर उन्हें चिन्हित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि आशा कार्यकर्ता एकीकृत नि:क्षय दिवस से पूर्व घर-घर भ्रमण कर टीबी एवं अन्य रोगों के लक्षणों के प्रति जागरूक करेंगी। लक्षणयुक्त मरीजों को स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाया जाएगा, जहां उनकी जांच की जाएगी। टीबी की पुष्टि के लिए बलगम का नमूना लेकर निक्षय पोर्टल पर आईडी बनाते हुए नजदीकी टीबी जांच केंद्र भेजा जाएगा। सीएचओ द्वारा एचआईवी, डायबिटीज सहित अन्य आवश्यक जांच भी कराई जाएगी। टीबी की पुष्टि होने पर तत्काल उपचार शुरू किया जाएगा।
ज़िला क्षय रोग अधिकारी एवं जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि फाइलेरिया और कुष्ठ के लक्षण वाले मरीजों को भी आशा कार्यकर्ता के माध्यम से स्वास्थ्य केंद्र लाकर उपचार प्रारंभ कराया जाएगा। कार्यक्रम की मॉनिटरिंग एवं सुपरविजन के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा प्रत्येक सीएचसी/पीएचसी पर एसीएमओ/डिप्टी सीएमओ की ड्यूटी लगाई गई है। सभी अधिकारी शाम को मुख्य चिकित्सा अधिकारी को फीडबैक देंगे, जिसके बाद ई-कवच के माध्यम से शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
टीबी के प्रमुख लक्षण
दो सप्ताह या अधिक समय से खांसी
दो सप्ताह या अधिक समय से बुखार
वजन में कमी व भूख न लगना
बलगम में खून आना
कुष्ठ रोग के लक्षण
शरीर पर सुन्नी दाग
हथेलियों, पैरों व आंखों में कमजोरी या विकृति
बिना दर्द के घाव
चेहरे, शरीर या कान पर गांठ/छाले
फाइलेरिया के लक्षण
पुरुषों के अंडकोष व महिलाओं के स्तन के आकार में परिवर्तन
सर्दी के साथ तेज बुखार
हाथ-पैर में सूजन व तेज दर्द
स्वास्थ्य विभाग ने अपील की है कि उपरोक्त लक्षण दिखाई देने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर अवश्य संपर्क करें और जांच कराएं।
Budaun Amarprabhat