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बिल्सी ,तहसील क्षेत्र के यज्ञ तीर्थ गुधनी में स्थित प्रज्ञा यज्ञ मंदिर में आर्य समाज का साप्ताहिक सत्संग आयोजित किया गया । आज यज्ञ से पूर्व अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर योग भी किया गया ! योग के पश्चात सामूहिक यज्ञ किया गया जिसमें ऋग्वेद के मंडल एक के 18 वें सूक्त के मंत्रों से आहुतियां दी गई । अंतर्राष्ट्रीय वैदिक विद्वान आचार्य संजीव रूप ने यज्ञ कराते हुए कहा “व्यायाम और योग में अंतर है , व्यायाम शरीर के लिए होता है और योग मन के लिए होता है । व्यायाम से शरीर पुष्ट होता है और योग से मन पवित्र होता है ! शरीर पुष्ट हो तो भौतिक उन्नति होती है , मन पवित्र हो तो आध्यात्मिक उन्नति होती है ! मन ही बंधन और मन ही मोक्ष का कारण होता है ! उन्होंने कहा “मन सा न जग में प्रकाश कोई सच्चा मित्र , मन सा ना कोई और शत्रु हुड़दंगा है , मन से ही रीति प्रीत मन से ही शांति गीत , मन से ही कलह कपट द्वेष दंगा है . मन ही मिलाता ईश , मन ही दिलाता मुक्ति , मन नहीं तो डालता सुकर्मों में अड़ंगा है , मन है मरीज तो लजीज कोई चीज नहीं , मन यदि चंगा तो कठौती में ही गंगा है ! इस अवसर पर कोटद्वार उत्तराखंड से पधारे श्रीमती प्रियंका विकास अग्रवाल ने अपने पुत्र का अन्नप्राशन संस्कार भी करवाया ! विकास अग्रवाल ने कहा कि आचार्य संजीव रूप के आयुर्वेदिक चिकित्सा और वैदिक अनुष्ठान के चलते हमें पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई जिसके अन्नप्राशन संस्कार हेतु हम यज्ञ तीर्थ आए हैं ! वैदिक विदुषी आचार्य तृप्ति आर्य ने कहा “यज्ञ तीर्थ गुधनी में आकर यज्ञ अनुष्ठान में भाग लेकर यज्ञ भगवान की कृपा से सबके मनोरथ सिद्ध होते हैं !इस अवसर पर कुमारी कौशिक की रानी श्रीमती गुड्डू रानी श्रीमती कमलेश कुमारी , श्रीमती सरोजवती देवी , कुमारी आस्था तथा आर्य संस्कारशाला के बच्चे मौजूद रहे “
Budaun Amarprabhat