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टीएमयू मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी विभाग में हिस्टोलॉजी प्रोजेक्ट में एंजल मोदी ग्रुप अव्वल

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तीर्थंकर महावीर मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर में मेडिकल साइंसेज़ के डीन एवम् एनाटॉमी विभाग के एचओडी प्रो. एसके जैन बोले, एजुकेशनल प्रोजेक्ट न केवल विषय की गहन समझ के संग-संग स्टुडेंट्स में संवाद कौशल, टीमवर्क और आत्मविश्वास का भी विकास

ख़ास बातें
प्रथम आने वालों में साचीका, अमीषी, भावनी और भाव्या भी शामिल
भाविशा, भाव्य, भोकारे, भूमि नेहरा, भूमेश ने पाई सेकेंड पॉजिशन
रिया, जिया, नीलाक्षी, सिमरन और जोस्या दादा रहे थर्ड स्थान पर
एचओडी प्रो. एसके जैन ने विजेताओं को उत्कृष्टता प्रमाणपत्र प्रदान किए

मुरादाबाद। तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर के शरीर रचना विज्ञान- एनाटॉमी विभाग की ओर से स्नातक चिकित्सा स्टुडेंट्स में सूक्ष्म शरीर रचना- माइक्रोस्कोपिक एनाटॉमी की अवधारणाओं को सुदृढ़ करने और प्रोजेक्ट बेस्ड शिक्षण को बढ़ावा देने के लिए स्टुडेंट सेंटर्ड हिस्टोलॉजी प्रोजेक्ट एक्टिविटी प्रतियोगिता में एंजल मोदी, साचीका जैन, अमीषी भसीन, भावनी मनन और भाव्या तिवारी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। समापन सत्र में मेडिकल साइंसेज़ के डीन एवम् एनाटॉमी विभाग के एचओडी प्रो. एसके जैन ने विजेता स्टुडेंट्स को उत्कृष्टता प्रमाणपत्र प्रदान किए गए, जबकि सभी प्रतिभागियों को उनकी सक्रिय भागीदारी एवम् परिश्रम के लिए सहभागिता प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। स्टुडेंट्स- भाविशा जैन, भाव्ये जैन, भोकारे स्वरा सुशांत, भूमि नेहरा, भूमेश नगर द्वितीय स्थान पर रहीं। प्रतियोगिता में मेडिकल स्टुडेंट्स ने मानव शरीर के विभिन्न अंगों की सामान्य ऊतक संरचना पर अभिनव प्रोजेक्ट्स का प्रस्तुतीकरण किया। प्रोजेक्ट्स का मूल्यांकन वैज्ञानिक विषयवस्तु, प्रस्तुतीकरण की स्पष्टता, मौलिकता और नैदानिक प्रासंगिकता के आधार पर किया गया।

स्टुडेंट्स- रिया शर्मा, जिया अस्थाना, नीलाक्षी शर्मा, सिमरन राज और जोस्या दादा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। मेडिकल साइंसेज के डीन एवम् एनाटॉमी विभाग के एचओडी प्रो. जैन ने कहा, हिस्टोलॉजी, क्लिनिकल विषयों की मजबूत नींव तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। प्रो. जैन बोले, इस प्रकार के एजुकेशनल प्रोजेक्ट न केवल विषय की गहन समझ विकसित करती हैं, बल्कि स्टुडेंट्स में संवाद कौशल, टीमवर्क और आत्मविश्वास का भी विकास करते हैं। फैकल्टीज़ और स्टुडेंट्स ने यह सुझाव दिया, ऐसी हिस्टोलॉजी परियोजना गतिविधियों को विभाग के शैक्षणिक कैलेंडर का नियमित हिस्सा बनाया जाना चाहिए, जिससे टीएमएमसी एंड आरसी में टीचिंग-लर्निंग वातावरण को और अधिक समृद्ध किया जा सके। कार्यक्रम में स्टुडेंट्स ने छोटे-छोटे समूहों में कार्य करते हुए विभिन्न अंग-प्रणालियों पर आधारित हिस्टोलॉजिकल चार्ट एवम् डिजिटल शिक्षण सामग्री तैयार की। उल्लेखनीय है, टीएमयू मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर में एमबीबीएस सहित प्री-क्लिनिकल, पैरा-क्लिनिकल और क्लिनिकल विषयों में विभिन्न स्नातक एवम् स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम संचालित करता है। संचालन डॉ. सूरज और डॉ. पीयूष ने किया।


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