बदायूं में ऑपरेशन हेड को सौंपा ज्ञापन, बकाया भुगतान और रोजगार सुरक्षा की पुरजोर मांग
बदायूं। डिजिटल इंडिया योजना की रीढ़ कहे जाने वाले भारतनेट परियोजना में कार्यरत पीएनटी (पब्लिक नेटवर्क टेलीकॉम) कर्मियों ने अपने भारी-भरकम बकाया भुगतान और घटते रोजगार को लेकर मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को अखिल भारतीय पीएनटी यूनियन के नेतृत्व में कर्मचारियों ने बदायूं में हेड मयंक रस्तोगी को ज्ञापन सौंपकर जल्द से जल्द कार्रवाई की गुहार लगाई है।
कर्मचारियों ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि वे पिछले 8 वर्षों से जिले के विभिन्न ब्लॉकों में पूरी निष्ठा के साथ फाइबर रखरखाव का कार्य कर रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें पिछले कई महीनों से वेतन नहीं मिल सका है। मई 2025 से जून 2026 के बीच भी केवल कुछ ही महीनों का आधा-अधूरा भुगतान किया गया है, जबकि अधिकांश महीनों की पूरी मजदूरी आज भी लंबित पड़ी है।
यूनियन का सीधा आरोप है कि संबंधित कंपनियों द्वारा काम तो लगातार लिया जा रहा है, लेकिन भुगतान के मामले में भारी लापरवाही बरती जा रही है। स्थिति यह है कि वर्षों से काम कर रहे अनुभवी पीएनटी कर्मियों से काम छीनकर अन्य माध्यमों से कराया जा रहा है, जिससे सैकड़ों कर्मचारियों के परिवार भुखमरी के कगार पर पहुँच चुके हैं।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में कर्मियों की महीनों से लंबित पड़ी मजदूरी का तुरंत भुगतान किया जाए, कर्मियों को काम से हटाया न जाए और फाइबर मेंटेनेंस के कार्य में उन्हें ही प्राथमिकता दी जाए, भविष्य के लिए यह व्यवस्था लागू हो कि हर महीने निश्चित समय पर वेतन मिल सके। यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश शर्मा ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि बकाया मजदूरी का शीघ्र निस्तारण नहीं किया गया, तो कर्मचारी उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
इस अवसर पर बदायूं पीएनटी टीम से यूसुफ अली, सर्वेंद्र यादव, प्रशांत पाठक, अनुराग सिंह, इंतजार अली, नीरज कुमार सहित अन्य कर्मचारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
Budaun Amarprabhat