बदायूं। शहर के सरसैयद पैरामेडिकल कॉलेज में ‘चराग़-ए-सुख़न’ और ‘बज़्म-ए-अब्र’ के संयुक्त तत्वावधान में तरही मुशायरे का आयोजन किया गया। मुशायरे में स्थानीय और विभिन्न जनपदों से आए शायरों ने अपनी ग़ज़लों और अशआर से श्रोताओं को देर रात तक बांधे रखा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ शायर डॉ. मुनव्वर ताबिश संभली रहे, जबकि अध्यक्षता डॉ. सोहराब ककरालवी ने की। मंच संचालन अजमत जीलानी ने किया।
मुशायरे की शुरुआत आसी हसनपुरी ने नात-ए-पाक से की। इसके बाद उन्होंने अपनी ग़ज़ल प्रस्तुत कर श्रोताओं की सराहना प्राप्त की। सादिक अलापुरी, सुरेंद्र नाज़, डॉ. सोहराब ककरालवी, डॉ. मुनव्वर ताबिश संभली, चाँद ककरालवी, समर बदायूँनी, निज़ाम नौशाही संभली, अरशद रसूल, डॉ. शाकिर इस्लाही, कुमार आशीष, डॉ. दानिश बदायूँनी, डॉ. शम्स मुजाहिदी बदायूँनी, ज़ाकिर ककरालवी और अजमत जीलानी ने भी अपने-अपने कलाम पेश किए, जिन्हें श्रोताओं ने खूब सराहा।
हास्य-व्यंग्य के लिए प्रसिद्ध शायर नौशाद अनगढ़ ने अपनी चुटीली प्रस्तुतियों से महफ़िल में हास्य का रंग घोला और खूब तालियां बटोरीं।
कार्यक्रम में वसीम अरहम संभली, डॉ. सय्यद इमरान सैदपुरी, कामिल उरौलवी बदायूँनी, सोहराब हैदर और मुबीन ककरालवी के कलाम को भी सराहना मिली।
अंत में सरसैयद पैरामेडिकल कॉलेज के डायरेक्टर डॉ. शकील अहमद ने सभी अतिथियों, शायरों और उपस्थित साहित्यप्रेमियों का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर पूर्व प्रधानाचार्य अब्दुल सुबूर खान, शिक्षक नेता सरवर अली, आतिफ अंसारी, मसूद मियां, एहसान अली, खुर्शीद राजू, अरशद गाजी, शहंशाह सकलैनी, आहिल रसूल, परवेज खान, कौसर गाजी, आफाक अहमद सहित बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
Budaun Amarprabhat